जगदीश चौधरी, खिलेड़ी।  श्रावण मास शुरू होते ही धार्मिक आस्थाओं का दौर शुरू हो गए हैं।  कहीं भागवत कथा,कहीं शिव पुराण आदि धार्मिक ग्रंथों की गाथाओ से मानव जीवन सफल बनाने के लिए श्रद्धालु भाव विभोर हो रहे हैं। तो कोई अपनी धार्मिक आस्थाओ की मनोकामनाए पूरी करने के लिए अनेक प्रकार के जतन में लगे हैं। कई श्रद्धालू पदयात्रा कर अपनी मनोकामना पूरी करते है।  खिलेडी मे प्रतिवर्षनुसार इस वर्ष भी मां भगवती महिला कलश यात्रा का आयोजन किया गया। दो दिवसीय कलश यात्रा रविवार को गाँव अमझेरा पावन धाम अमका झमका से जल भरकर कोद कोटेंश्वर धाम के लिए यात्रा शुरू हुई। यात्रा प्रारंभ के पहले पंडित जी के द्वारा कलश पुजन किया गया।  महिलाओं एवं पुरूषों द्वारा कलश लेकर भोले के जयकारे लगाकर कोद कोटेश्वर धाम के लिए निकले ,जो माँगोद,बालोदा, घटोदा, दसाई होते हुए शाम को कलश यात्रा खिलेडी पहुंची। यहा सभी कावड़ियों का मां भगवती मंदिर परिसर पर स्वागत किया गया। यहा से कावड़ियों का चल समारोह शिव मंदिर परिसर पहुँचा। महिलाओं के साथ पुरुष भीअमका झमका माता जी से कावड यात्रा मे शामिल हुए। जगह जगह कलश कावड यात्रा का स्वागत किया गया।  आज श्रावण के दुसरे सोमवार पर फुलेडी,पान्दा, बिडवाल,कोद होते हुए।  कोद कोटेश्वर धाम पहुंचकर भगवान भोले का मां अमका झमका माता  मंदिर के जल से जलाअभिषेक किया गया।

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