नरेंद्र पँवार, दसाई। नया शिक्षा सत्र 24 जून से प्रारम्भ हो गया वही 1 जुलाई सोमवार से नियमित विद्यालय भी प्रारम्भ होने के साथ-साथ प्रवेश भी प्रारम्भ हो गये है। शिक्षा सत्र के प्रारम्भ के साथ कई समस्याओ से दसाई का शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सराबोर है जहाॅ कि समस्याओ का निदान पिछले कई वर्षो से नही होने के कारण बच्चो का भविष्य संवरता नही दिखाई दे रहा है। पिछला सत्र मात्र अतिथि के भरोसे ही रहा परिणाम बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड हुआ और परीक्षा परिणाम प्रभावित होकर सबसे खराब रहा है। पालक अपने बच्चो का भविष्य बनाने के लिये  विद्यालय मे भेजते है लेकिन यदि विद्यालय मे ही पढाई नियमित नही हो पायेगी तो बच्चो का भविष्य कैसे संवरेगा। सरदारपुर तहसील का सबसे बडा गाॅव होने के साथ-साथ आसपास क्षेत्र कई बच्चे दसाई मे शिक्षा ग्रहण करने को आते है मगर यहाॅ के आलम अलग ही है। यहाॅ शिक्षक के नाम से मात्र अतिथि ही अपनी सेवा देते है जिसके चलते यहाॅ का विद्यायल चल रहा है।  वर्तमान मे यहाॅ 08 पद व्याख्याता के रिक्त पडे है वही उश्रैणी शिक्षक के 04, माध्यमिक विघालय के आलम भी कुछ ओर है यहाॅ भी खाली पदो की संख्या काफी है 02 उश्रेणी शिक्षक के साथ 01 सहायक शिक्षक का पद रिक्त पडा है।शिक्षा का महत्व काफी बढता जा रहा है मगर शिक्षको के अभाव मे पढाई कितनी प्रभावित होती है यह दसाई के विद्यालय से हम जान सकते है पिछले वर्ष रिक्त पदो की पूर्ति नही होने के कारण सारा काम अतिथियो ने किया तो परिणाम भी कक्षा 10 वी का मात्र 39 प्रतिशत् ही रहा वही 12 वी का 61 प्रतिशत् रहा ।

व्याख्याताओं का अभाव- दसाई के विद्यालय मे 10 पद व्याख्याता के स्वीकृत है मगर इनमे भी 08 रिक्त है। गणित, जीव विज्ञान, रसायन, भौतिक, राजनिति शास्त्र, वाणिज्य के साथ-साथ हिन्दी के साथ आज अग्रेजी भी  महत्वपूर्ण होती जा रही है इन विषयों के भी व्यख्याता दसाई के विद्यालय को नसीब नही हो पा रहे है। वहीं उच्च श्रेणी शिक्षक की ओर निगाहे डाले तो 06 पद स्वीकृत मे से मात्र 02 ही शिक्षक है 04 पद रिक्त है।गणीत, विज्ञान, अंग्रेजी और हिन्दी जैसे विषय के लिये विद्यालय  शिक्षक की बाट जो रहा है। विद्यालय मे प्रयोगशाला तो बनी है लेकिन धूल तक साफ नही हो पा रही है क्योकि प्रयोग के नाम से सब सपाट है यहा प्रयोगशाला का सहायक शिक्षक ही नही है । जब शिक्षक ही नही है तो प्रयोगशाला का उपयोग कैसे होगा।

खेल के नाम से कुछ नही - शिक्षा के साथ-साथ खेल का उतना ही महत्व है जितना शिक्षा का। विद्यायल मेे खेल सामग्री तो पर्याप्त मात्रा मे है मगर खेल शिक्षक का अभाव होने से सारा सामान अलमारी की शान बढा रहा है।वही संस्था मे वालबाउड्री के अभाव के कारण परिसर मे हमेशा गंदगी का बोलबाला रहता है यहाॅ शाम होते ही आवारा लोगो का जमघट रहता है वही खुली जगह होने के कारण पशु भी अपना डेरा डाले रहते है जिसके कारण गदंगी ओर बढ जाती है। साथ विद्यालय मे पिने के पानी का अभाव हमेशा बना रहता है यहाॅ बच्चो को पिने के लिये टंकी बनी हुई है मगर पिने के पानी का स्थाई समाधान नही होने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है ।  वर्तमान मे कक्षा 9 वी मे 40, कक्षा 10 वी मे 40, कक्षा 11 मे 60 , कक्षा 12 वी मे 45 विद्यार्थी है अभी प्रवेश प्रारम्भ है। यहां दसाई के सगवाल, भरावदा, खिलेडी, पाना, चौटिया बालोद, बालोद, पान्दा, बामनखेडी, दन्तोली,  कपास्थल, घटोदा, बालोदा, सोन्याखेडी, भिलगुन, टाण्डाखेडा, केसरपूरा,लुहारी, धामंदा सहित कई गाॅॅव के बच्चे पढने आते है।  नए सत्र के प्रारम्भ होने के साथ-साथ शासन को विद्यालय की समस्याओ को धरातल पर  देख कर समस्याओ का निराकरण करना चाहिए ताकि बच्चो की पढाई प्रभावित नही हो और श्रैष्ठ परीक्षा परिणाम निकल सके ।

इनका कहना है -  
मेने इस बार कक्षा 11 वी मे प्रवेश लिया है। विद्यालय मे शिक्षको का अभाव बना हुआ है। जिसके कारण पढाई प्रभावित होती है। पिछला सत्र भी अतिथियो के भरोसे ही रहा है। शासन से अनुरोध है कि इस बार ओर ध्यान देकर समस्याओ का समाधान करे ताकि पढाई प्रभावित नही हो। - राजेश सुखराम निवासी भिलगुन छात्र

विद्यालय मे समस्याओ को लेकर आलाअधिकारी को अवगत करा दिया गया है। व्याख्याताओ की कमी के कारण परीक्षा परिणाम प्रभावित हुआ है। - करणसिंह रावत प्राचार्य दसाई

दसाई के विद्यालय मे व्याख्याताओ के अभाव को पूरा करने का प्रयास किया जावेगा अन्य समस्याओ के बारे मे देखकर उन्हे भी हल करने का पूरा-पूरा प्रयास किया जावेगा।  -जेपी मानधन्या आदिम जाति कल्याण विभाग धार

दसाई के विद्यालय मे शिक्षको के अभाव के साथ-साथ अन्य समस्याओ का निराकरण अतिशीघ्र ही करने का पूरा-पूरा प्रयास किया जावेगा। ताकि बच्चो की पढाई प्रभावित नही हो। -  प्रताप ग्रेवाल विधायक सरदारपुर

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