नई दिल्ली। उन्‍नाव रेप पीडि़ता की कार की रहस्‍यमय टक्‍कर मामले की जांच हाथ में लेने के बाद सीबीआई एक्‍शन में है। सीबीआई ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसके साथ ही सीबीआई ने 20 अज्ञात लोगो के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, क्रिमिनल कांस्पिरेसी के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने मामले का खुद संज्ञान लेते हुए इसपर गुरुवार को सुनवाई तय की है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट को मांगी है, बुधवार को सुनवाई के दौरान सीनियर वकील वी गिरि ने कहा कि इस मामले को उत्तर प्रदेश से बाहर ट्रांसफर कर देना चाहिए। दरअसल पीड़िता और उसके परिवार ने कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट को एक चिट्ठी लिखी थी, और उसी चिट्ठी का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई तय की है। हालांकि चिट्ठी लेकिन चीफ जस्टिस को ये चिट्ठी नहीं मिल पाई थी जिस वजह से मुख्य न्यायाधीश काफी खफा भी हैं, मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने रजिस्ट्री से इस बात का कारण भी मांगा है। साथ ही ये भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी अखबारों के जरिए मिल रही है, लेकिन स्टाफ के जरिए चिट्ठी उनके पास तक नहीं पहुंच पाई है। बता दें कि राज्य सरकार की सिफारिश को मंजूर करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कल जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई यह पता करेगी की ये हादसा था या फिर एक साज़िश के तहत इसे अंजाम दिया गया। इस मामले पर कार्रवाई करते हुए अब सीबीआई ने इस मामले में केस ऑफिशियली दर्ज कर लिया है। लोकल पुलिस की एफआईआर में जो सेक्शन थे उन्हें सीबीआई ने दर्ज किया है। रविवार को उन्नाव रेप पीडि़ता की कार को  एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। पीड़िता अपनी मौसी, चाची और वक़ील के साथ रायबरेली जेल में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही थी। हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी और पीड़िता और वक़ील गम्भीर हालत में लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है। पीड़िता के घरवालों का आरोप है जेल में बंद बीजेपी विधायक ने साजिश कर ये हादसा कराया है।

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