भोपाल। मंदसौर गोलीकांड सहित प्रदेश में हुए किसान आंदोलन के दौरान या अन्य स्थानों पर किसी भी किसान के खिलाफ राजनीतिक विद्वेष के चलते प्रकरण दर्ज नहीं हुआ। विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। प्रकरण वापसी के लिए कार्यवाही की जा रही है। यह कब तक पूरी होगी, इसकी समयसीमा बताना संभव नहीं है। यह जवाब गृहमंत्री बाला बच्चन ने सोमवार को विधायक हर्ष विजय गेहलोत के सवाल के लिखित जवाब में दिया। साथ ही गृहमंत्री ने बताया कि मंदसौर गोलीकांड के समय निलंबित किन अधिकारियों को बहाल किया गया, इसकी जानकारी एकत्र की जा रही है। उल्लेखनीय है कि फरवरी के सत्र में भी कुछ मंत्रियों ने पार्टी जो आरोप लगाते आ रही है, उससे अलग जवाब दिए थे। जिसके चलते सरकार की किरकिरी हुई थी। विधानसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा पर राजनीतिक विद्वेष के चलते मंदसौर सहित अन्य किसान आंदोलन में किसानों के ऊपर झूठे आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के आरोप लगाए थे। साथ ही वचन पत्र में वादा किया था कि सरकार आने पर प्रकरण वापस लिए जाएंगे। इसको लेकर हरदीप सिंह डंग के सवाल पर गृह मंत्री की ओर से लिखित जवाब दिया गया कि विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। वहीं, हर्ष विजय गेहलोत ने सवाल उठाया कि जब जैन आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में नहीं रखी गई और विवेचना चल रही है तो फिर किस आधार पर गोलीकांड के वक्त निलंबित किए गए अधिकारियों को बहाल किया गया। फरवरी के सत्र में किस आधार पर यह उत्तर दिया गया था कि जैन आयोग के चलते प्रकरण दर्ज नहीं किया जा सकता है। यदि ऐसा है तो फिर किसी रिपोर्ट पर अधिकारियों का निलंबन समाप्त किया गया। इस सवाल का लिखित जवाब गृहमंत्री बाला बच्चन में यह दिया कि जानकारी एकत्र की जा रही है।

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