वीराज प्रजापति सारंगी। बस स्टैंड पर यातायात व्यवस्था सुधारने के प्रति जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है। इसी कारण आए दिन यहां पर विवाद की स्थिति बनती है। बदहाल यातायात व्यवस्था और अवैध पार्किंग के चलते किसी भी दिन यहां पर बड़ा हादसा हो सकता है। बुधवार को भी अवैध रूप से खड़े एक चारपहिया वाहन चालक और बस संचालक में विवाद हो गया। हालांकि लोगों ने इसे शांत करवा दिया। बस स्टैंड पर हमेशा की भांति गुरवार को भी अव्यवस्था दिखाई दी। यहां पर लोग रेंगती बसों से परेशान हो जाते हैं तो कभी अवैध पार्र्किंग से। ऐसा नहीं है कि किसी को इस बारे में खबर न हो।

बसो की रेंगती चाल से सब परेशान - स्टैंड से रोज सैकड़ों बसें निकलती हैं। बस जहां खड़ी होती है वहां से स्टैंड के बाहर निकलने में ज्यादा से ज्यादा 10 सेकंड लगत हैं, लेकिन बस संचालक की मनमानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक बस को अपने स्थान से बाहर निकलने में करीब 5 से 10 मिनट तक लग जाते हैं। इस रेंगती चाल के कारण भी सबसे ज्यादा जाम लगता है।

अवैध पार्किंग भी विवाद का कारण -  स्टैंड पर केवल बसों के खड़े होने के लिए ही जगह निर्धारित है जबकि अन्य चारपहिया वाहनों के कोई भी  जगह निर्धारित नही की, लेकिन चारपहिया वाहन संचालक भी मनमर्जी चलाते हैं।  ये अपने वाहन बस स्टैंड परिसर में ही खड़े कर देते हैं।

जवाबदारों की अनदेखी - पुलिस की ओर से एक जवान की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन जवान ध्यान नहीं देता।
रोजाना विवाद की उपस्थिति में यह सबकुछ होता है इसके बावजूद सुधार के प्रति आज तक सुध नहीं ली गई। छोटे-मोटे विवाद रोज होते हैं। इनको स्थानीय लोग ही समझा-बुझाकर सुलझा लेते हैं।

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