वीराज प्रजापति, सारंगी। गांव में एक दर्जन से ज्यादा पुराने कुएं हैं उपयोगहीन पड़े हैं। प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं है। जिसके कारण अब इन कुओं का अस्तित्व खतम होता जा रहा है। यदि इन कुओं की साफ-सफाई कर जीर्णोद्धार किया जाए तो

पानी की कमी को दूर किया जा सकता है -
कभी इन कुओं पर निर्भर रहता था पूरा गांव
शंकर हनुमान मंदिर क्षेत्र में दो कुए से के अधिकांश लोग पानी की आपूर्ति करते थे। यही स्थिति बस स्टैंड  स्थित कुए की भी सफाई नहीं होने से भू जल स्तर गिर रहा हैं।
डस्टबिन बनकर रह गए कुएं -
सफाई और गहरीकरण नहीं होने के कारण पारंपरिक जलस्त्रोत डस्टबीन बनते जा रहे हैं। शंकर मंदिर के सामने के दो कुए बस  स्टैंड, (बावड़ी) कुआं,ओर भी अन्य। कुओं की सफाई नहीं होने से कुओं में पानी तो है, लेकिन दूषित हो चुका है जिसके कारण लोग इस पानी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। ओर गांव के इन दो कुएँ को बस स्टैंड स्थित ओर शंकर मंदिर स्तिथ कुएँ को धार्मिक स्थल माना जाता है  व सारंगी गांव की  जनता  के द्वरा इन्ही कुंओ से गंगाजल भरा जाता है। इन कुओं की सफाई से पानी मिल सकता है ।

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