नरेंद्र पँवार, दसाई। परिश्रम से हर काम सम्भन हो जाता है काम चाहे जनसेवा का हो या अन्य। दसाई नगर मे काफी बडी गौषाला बनी हुई है मगर पानी के अभाव यहा कई काम होना बाकि है। वर्तमान मे गोपालकृष्ण गौशाला मे सेवाधारी की लगन से गौशाला का रुवरुप अपने आप मे अलग की निखरता जा रहा और आने वाले दिनो मे गौशाला की  दसाई नगर मे  अपनी अलग ही पहचान फलदार फुलदार और कई रंगबिरंगे पोधो से  होगी इसके लिये सेवाधारी और समिति द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे है। वर्तमान मे गर्मी अपना तेवर बता रही है। ऐसे मे गौशाला मे लगे हरेभरे पौधे लोगो को फल दे रहे है साथ ही गौशाला हरीभरी दिखाई दे रही है जिसके चलते लोगो को फल के साथ भीषण गर्मी मे छांव मे आराम करने को भी मिल रहा है। जहाॅ वर्तमान मे जलसंकट के कारण सभी जगह हाहाकार मचा हुआ हैं लेकिन गोपालकृष्ण गौशाला मे  गायो को भी पर्याप्त पानी समय-समय पर मिल रहा है साथ ही गौशाला द्वारा गौशाला के बाहर भी अन्य पषुओ को पिने के पानी की व्यवस्था सेवाधारियो द्वारा की जा रही है। जिससे पषुओ को पानी के लिये इधर-उधर नही भटना पड रहा है। सेवाधारियो द्वारा किये जा रहे कार्य की नगर मे प्रंषसा की जा रही है,साथ ही इनके श्रम से गौषाला मे गायो की संख्या भी बढती जा रही है।
युवा व बुजुर्ग कर रहे है श्रमदान -  गौशाला मे वर्तमान मे लगभग 300 गाय,10 बेल के अलावा कई छोटे-छोटे  पषु भी है। जिनकी सेवा करने के लिये युवा वर्ग के साथ-साथ बुजूर्ग भी दिनरात श्रम कर रहे है। गौशाल मे पानी का अभाव देख नगर के युवाओ ने पानी खरीद कर गौशाला की गायो के साथ-साथ लगे फलदार पौधो को समय-समय पर अपने हाथो से पानी पिलाकर सेवा कर रहे है। सेवाधारी सुबह से लगाकर देररात तक गोसेवा मे लगे हुए है। जिसके कारण गायो को पर्याप्त पानी समय पर मिल रहा है वही आठ दिनो मे इन गायो को बारी-बारी से नहलाया भी जाता है जिसके कारण पषुओ की चमक अलग ही दिखाई देती है। गौशाला मे लगे 300 फलदार पौधो को भी पर्याप्त पानी सेवाधारी दे रहे है जिसके कारण पौधो मे फलो की संख्या बढती जा रही है। आज सभी पौधो पर फल लगे हुए है जिसका लुप्त राहगीर उठा रहे है।लटके फल भी गौशाला का आकृर्षण केन्द्र है। गौशाला मे लगे फलो मे आम के पौधे ज्यादा मात्रा मे है जिस पर काफी आम लग रहे है। जिसमे बादाम, कलमी आम, लगंडा, नारोला, हापुस, तोता परी आम, सहित कई प्रकार के आम के फल  पेड पर  लगे हुए है। वही जाम, चिकु, सिताफल के भी पौधे गौषाला  की रोनक बढा रहे है।
अनेक लोग दे रहे है सेवाएं - लालचंद सालसीवाला, अनोखीलाल गढीवाला, गोपाल मेघाजीवाला, इन्द्रदास बैरागी, आजाद पाटीदार, हरि सामजीवाला, दिनेश वालासिवाला, शंकरलाल डुगांजीवाला, रामनारायण काजीगगंराम,राजकुमार पाटीदार  सहित अनेक लोग अपनी सेवा देकर गौमाता और पौधे की सेवा कर रहे है।  अशोकसिह रघुंवशी अध्यक्ष गौशाला दसाई ने बताया की वर्तमान मे गौशाला मे पानी का अभाव होने के कारण काफी परेशानी आ रही है। जिसके कारण पानी खरीदना पड रहा है। गौशाला मे लगा टयूबवेल मे भी पानी नही है। समिति द्वारा गौषाला मे टयूबवेल और शासकीय कुएं से पाइप लाईन डालने के लिये एक आवेदन जिलाधीष महोदय धार, ग्राम पंचायत दसाई और विधायक को दिया जावेगा। जिसमे तुरन्त समस्या के हल की मांग की जावेगी। वही  लालचंद सालसी ने बताया की गौशाला मे गौमाता को पानी मेरे कुएं से लाकर पिला रहा हु वही  पुर्ति नही होने पर बाजार से 300 और 400 रुपये के भाव मे  टेकर खरीदकर गौमाता की सेवा की जा रही हैं हम सब का उद्वेष्य मात्र गौसेवा है।प्रतिदिन तीन से चार टेकर पानी खरीद रहे  है। गौसेवा से बडी कोई सेवा नही है। इस कार्य मे सभी का सहयोग तन,मन और धन से मिल रहा है।

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