नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रांची में आयोजित पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में 40 हजार लोगों के साथ योग शुरू किया। प्रधानमंत्री ने यहां प्रभात तारा मैदान में उपस्थित लोगों से इस दौरान कहा कि योग हमेशा से हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है और हमें इसके प्रसार के लिये आगे आना चाहिए।  उन्होंने यहां कहा कि लोगों को आजीवन योगाभ्यास करना चाहिए और सरकार भी इसे निरोधात्मक उपचार के स्तंभ के तौर पर स्थापित करने के लिये काम कर रही है। मोदी ने कहा कि योग से शांति और सौहार्द्र जुड़े हैं और दुनिया भर में लोगों को इसका अभ्यास करना चाहिए।  उन्होंने कहा, 'आज के बदलते हुए समय में इलनेस से बचाव के साथ-साथ वेलनेस पर हमारा फोकस होना जरूरी है। यही शक्ति हमें योग से मिलती है, यही भावना योग की है, पुरातन भारतीय दर्शन की है। योग सिर्फ तभी नहीं होता जब हम आधा घंटा जमीन या मैट पर होते हैं।' पीएम ने कहा, 'अब मुझे आधुनिक योग की यात्रा शहरों से गांवों की तरफ ले जानी है, गरीब और आदिवासी के घर तक ले जानी है। मुझे योग को गरीब और आदिवासी के जीवन का भी अभिन्न हिस्सा बनाना है क्योंकि ये गरीब ही है जो बीमारी की वजह से सबसे ज्यादा कष्ट पाता है।' प्रधानमंत्री ने युवाओं के दिल की बीमारियों के चपेट में आने के बढ़ते मामलों के मद्देनजर कहा, “योग इस बीमारी के रोकथाम में अहम भूमिका निभा सकता है इसलिये इस साल की थीम ‘योग फॉर हॉर्ट’ (हृदय के लिये योग) रखी गई है।”

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