झाबुआ। जिले के रायपुरिया थाना अंतर्गत आने वाले पुलिस चौकी झकनावदा मे पदस्थ चौकी प्रभारी भागीरथ बघेल द्वारा आज सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या की गई। इस बात का पता जब चला जब रोज की तरह चौकी स्टॉप चौकी प्रभारी के लिए चाय बनाकर उनके निजी कमरे पर ले गए वह चौकी प्रभारी बघेल को आवाज दी लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आने के कारण मोबाइल से संपर्क करना चाहा उसके बावजूद भी मोबाइल नहीं उठाने पर स्टाफ द्वारा रायपुरिया थाना प्रभारी श्रीमती कौशल्या चौहान को फोन के माध्यम से इस हेतु अवगत करवाया, जिसके बाद टीआई कौशल्या चौहान की उपस्थिति में आरक्षक द्वारा कमरे की साइड की खिड़की को  सरिया के अंठ से मोड़ कर अंदर झांक कर देखा तो चौकी प्रभारी भागीरथ बघेल फांसी के फंदे पर झूलते हुए पाए गए इसकी सूचना जिला पुलिस अधीक्षक विनीत जैन को दी गई जिस पर विनीत जैन के  निर्देशानुसार  बघेल के  परिवार  जनों को झकनावदा आने तक  कोई कार्यवाही नहीं करने की अनुमति दी, जिसके बाद दोपहर भागीरथ पिता बुद्धन बघेल के पुत्र आयुष बघेल उम्र 16 वर्ष ,भाई राजेंद्र जी बघेल एवं परिवार जनों की उपस्थिति में उनसे पूछताछ की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि 5 से 6 रोज पूर्व भागीरथ बघेल उनकी भतीजी की शादी में बड़वानी आए थे, वह वहां से खुशी-खुशी वापस झकनावदा आ गए थे । उसके बाद हमें कुछ पता पता नहीं साथ ही बताया कि बघेल ग्राम ठान जिला बड़वानी के रहने वाले हो कर उनका हाल मुकाम खरगोन है।

परिवार की उपस्थिति में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर, एसडीओपी बबीता बामणिया ,थाना प्रभारी श्रीमती कौशल्या चौहान,वैज्ञानिक अधीक्षक डॉ आरके मुजालदार एवं झकनावदा स्टॉप की उपस्थिति में शव एवं पूरे कमरे का पंचनामा बनाया गया जिसमें पाया कि बघेल पंखा लगाने की कुटी पर दुपट्टा बांधकर गैस टंकी पर खड़े होकर फांसी पर झूले थे,साथ ही शव को नीचे उतारने पर भागीरथ बघेल की जेब में एक सुसाइड नोट पाया गया जिसमें उन्होंने दर्शाया की मैं अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं इसमें मेरे परिवार मेरे स्टाफ या अन्य किसी का कोई दोष नहीं है, मैं अपनी नौकरी में सीसीटीवी, सीसीटीएनएस का कार्य  नहीं जानता था ,जिससे में हर समय हमेशा परेशान रहता था तथा मुझे किसी से कोई तकलीफ नहीं है मैं मेरे बच्चों को पत्नी को तथा परिवार रिश्तेदार दोस्तों तथा मेरे विभाग को धोखा दे रहा हूं साथ ही उन्होंने सभी को राम राम लिखा और साथ ही सुसाइड नोट में   निवेदन  किया कि अगर मेरे लड़के को अनुकंपा नौकरी मिलती है तो उसे खरगोन जिले में नौकरी दी जाए। साथ ही उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा कि मेरे एटीएम कार्ड वह बीमे के कागज मेरे गांव घर देना और साथ ही लिखा कि मेरी वजह से किसी और को परेशान ना करें।
जिसके बाद सबको पुलिस स्टाफ की उपस्थिति में पेटलावद पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया गया साथ ही बताया गया कि शव का पोस्टमार्टम कर उसे वापस श्री बघेल के पैतृक गांव उनके परिवार जनों को सुपुर्द कर दिया जावेगा। साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने एसडीओपी एवं स्टाफ को निर्देश दिए कि आत्महत्या किए गए रूम को सील कर दिया जाए जहां जहां तक जांच पड़ताल पूर्ण नहीं हो जाती तब तक इस रूम को कोई नहीं खोलें। साथ ही बघेल की वर्दी में जो नकदी रुपए पाए गए वह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने गिन कर भागीरथ बघेल के परिवारजनों को सुपुर्द किए।

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