नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए सियाचिन पहुंच रहे हैं। देश के इतिहास में ये पहला मौका है जब पदभार संभालने के बाद सबसे पहले कोई रक्षा मंत्री दुनिया के सबसे ऊंचे और मुश्किल भरे रण क्षेत्र में जा रहा हो। उनके साथ इस दौरे पर आर्मी चीफ बिपिन रावत भी हैं। वह दोनों यहां बेस कैंप में नॉर्दन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा फोर्टीन कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी और जवानों से भी मुलाकात होनी है। राजनाथ सिंह जिस पोस्ट पर जा रहे हैं वहां दिन में भी तापमान शुन्य से करीब 40 डिग्री कम होता है। यहां मौसम कब मौत में बदल जाए कोई नहीं जानता। सियाचिन में देश की सबसे ऊंची सरहद है और हिमालय की गोद में मौजूद सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा और सबसे खतरनाक जंग का मैदान है। इसके एक ओर पाकिस्तान है तो दूसरी तरफ चालबाज चीन है। हिंदुस्तान के रक्षा मंत्री अपने जांबाज जवानों का हौसला आफजाई करने के लिए हिमालय की इन्हीं चोटियों के दौरे पर हैं। मोदी सरकार के शपथ ग्रहण को अभी एक हफ्ता भी नहीं हुआ है, लेकिन पीएम मोदी के मंत्री पूरे एक्शन में हैं तभी रक्षा मंत्री की कुर्सी पर बैठते ही राजनाथ सिंह ने सबसे पहले सियाचिन जाने का फैसला किया।
सियाचिन हिंदुस्तान के लिए सामरिक तौर पर बेहद अहम है। लिहाजा मोदी सरकार में रक्षा मंत्रालय की कमान संभालते ही राजनाथ सिंह ने सबसे पहले सियाचिन जाने का फैसला किया। देश के इतिहास में ये पहला मौका है जब पदभार संभालने के बाद कोई रक्षा मंत्री दुनिया के सबसे ऊंचे और मुश्किल रण क्षेत्र में पहुंचा है।

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