नई दिल्ली। अयोध्या मामले पर आज एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। आज कोर्ट ये पता लगाने की कोशिश करेगा कि मध्यस्थता के ज़रिये इस विवाद के सुलझने की संभावना है या नहीं इसीलिए चुनावी शोर के बीच आज सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर भी लगी हैं। आज संविधान पीठ के जज उस रिपोर्ट को देखेंगे जो मध्यस्थता कमेटी ने दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ये तय करेगा कि मध्यस्थता के ज़रिए इस मामले को सुलझाया जा सकता है या नहीं। कोर्ट आज इस मामले पर रोज़ाना सुनवाई के लिए भी निर्देश जारी कर कर सकती है। दरअसल जस्टिस खलीफुल्ला कमेटी ने मध्यस्थता को लेकर अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है। जस्टिस खलीफुल्ला, वकील श्रीराम पंचू और आध्यात्मिक गुरु श्री-श्री रविशंकर ने रिपोर्ट तैयार की है। मध्यस्थता कमेटी को सुप्रीम कोर्ट ने 8 हफ्तों का वक्त दिया था। निर्मोही अखाड़ा और मुस्लिम पक्षकारों ने मध्यस्थता का समर्थन किया है जबकि रामलला विराजमान और दूसरे हिंदू पक्षकारों ने मध्यस्थता का विरोध किया है। सीजेआई रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ मामले आज की सुनवाई कर रही है।

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