सरदारपुर। अपर सत्र न्यायाधीश श्री अरविन्द कुमार जैन द्वारा ग्राम बीड़पाड़ा के आरोपी सरवन उर्फ श्रवण पिता लक्ष्मण भील को मारपटी कर हत्या के आरोप में आजीवन कारावास एवं जुर्मान से दंडित किया है। अपर लोक अभियोजन दिग्विजयसिंह राठौर ने बताया की ग्राम बीड़पाड़ा के आरोपी सरवन उर्फ श्रवण पिता लक्ष्मण भील को रागू पिता गोबरिया को साथ मारपीट कर उसकी हत्या के आरोप में आजीवन कारावास एवं जुर्मान से दंडित किया। 26 अप्रेल 2017 को फरियादी गोबरिया ने थाना सरदारपुर में रिपोर्ट की गई की रात करीब 12ः30 बजे उसकी बड़ी बहू कमलीबाई के चिल्लाचोट की आवाज आई तो निंद खुली। कमलीबाई बोल रही थी कि दोड़ो- दोड़ो सरवन मार रहा है। फरियादी ने टार्च जलाकर देखा तो सरवन उसके लड़के रागू के घर के आंगन में फालिय से मार रहा था। बहु कमलीबाई उसको पकड़ रही थी। फरियादी ने सरवन को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह भाग गया। सरवन ने रागू के घर से गेहूं उठा लिये थे तो रागू सरवन से गेहू मांग रहा था। इसी बात की रंजिश को लेकर सरवन ने सोते हुए रागू को जान से मार दिया। फरियादी की रिपोर्ट पर आरोपी के विरूद्ध सरदारपुर थाने में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की गई। प्रकरण का विचारण प्रथम अपर सत्र न्यायालय श्री अरविन्द कुमार जैन के न्यायालय में चला। साक्षीगणों के कथनों को प्रमाणित मानते हुए श्री जैन द्वारा आरोपी को धारा 302 भादवी के आरोप में आजीवन कारावास और 2 हजार रूपये के जुर्माने तथा कमलीबाई और बाला को गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास और एक-एक हजार रूपये जुर्माने से दंडित किया गया। मामले में शासन की और से पैरवी कुंवर दिग्विजयसिंह राठौर अपर लोक अभियोजक सरदारपुर द्वारा की गई। 

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