राजगढ़। आज मंगलवार को सप्तम पट्टधर आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय रवीन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की प्रतिमा को श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के नूतन गुरु समाधि मंदिर में प्रतिष्ठित किया गया । आचार्यश्री के मुखारविंद से ओम पुण्याहां पुण्याहां ओम प्रियंताम प्रियंताम के उच्चारण के साथ आचार्यश्री की प्रतिमा प्रतिष्ठित की गई। प्रतिमा विराजमान करने का लाभ रायपुर छत्तीसगढ़ निवासी श्रीमती अलकाबेन अनिलकुमारजी दुबे परिवार को प्राप्त हुआ। इस प्रतिमा को भराने का लाभ पुना नाडोल निवासी रमेशकुमारजी लालचंदजी पारेख परिवार को प्राप्त हुआ। गुरु समाधि मंदिर पर सुमेरपुर निवासी पारसमलजी मुलचंदजी एल.के. परिवार ने ध्वजा फहरायी। प्रतिमा की प्रतिष्ठा के पश्चात् अष्टप्रकारी पुजा विधान सियाणा निवासी शांतिलालजी जवेरचंदजी सियाणा परिवार द्वारा करवायी गई । प्रतिमा प्रतिष्ठा के पश्चात् आचार्यश्री रवीन्द्रसूरिजी म.सा. के घी एवं दर्पण में दर्शन श्रीमती सरोज के.एम. जैन धार द्वारा किये गये । प्रथम आरती नाडोल निवासी रमेशचंद लालचंदजी पारेख पूना द्वारा उतारी गई । नूतन मंदिर में कुमकुम छापे लगाकर मोदक बालोतरा निवासी सेठ धनराजजी कंकुचोपड़ा परिवार द्वारा अर्पित किया गया। प्रतिष्ठा की सुचना थाली, डंका बजाकर हेदराबाद निवासी श्रीमती पंखी बेन पारसमलजी सांचोर ने दी। प्रतिष्ठा प्रातःकाल की वेला में लभगभ 8ः15 बजे सम्पन्न हुई । इसका सीधा प्रसारण पारस टीवी चैनल पर किया गया। इधर श्री आदिनाथ प्रभु के मुख्य मंदिर में अक्षय तृतीया के अवसर पर इक्षु रस से प्रभु का अभिषेक करने का लाभ पुना निवासी श्री वेलचंद वदाजी परिवार द्वारा लिया गया । लाभार्थी परिवार के अभिषेक करने के बाद वर्षीतप के 700 से अधिक आराधकों ने पक्तिबद्ध होकर  अभिषेक किया । दादा गुरुदेव का सर्वप्रथम गन्ने के रस से चैन्नई निवासी दिनेशकुमारजी अमोलकचंदजी जैन द्वारा अभिषेक किया गया । इसके पश्चात् समस्त आराधकों ने अभिषेक किया।
प्रतिष्ठा के पश्चात् विशाल धर्मसभा के भव्य आयोजन हुआ । धर्मसभा में आचार्यश्री ने कहा कि श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ पर भायन्दर से 316, पूना से 102, राजगढ़ से 54 एवं अन्य स्थानों से 150 से अधिक नाम पेढ़ी पर दर्ज हुये । ये तपस्वी आज श्री शत्रुंजयावतार श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ पर पारणा करेगें । इनके साथ वर्षीतप आराधक मालवशिरोमणि मुनिराज श्री पीयूषचन्द्रविजयजी म.सा., ज्ञानप्रेमी मुनिराज श्री पुष्पेन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री प्रीतियशविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जीतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जनकचन्द्रविजयजी म.सा. एवं साध्वी श्री तत्वलोचनाश्री जी, प्रमितगुणाश्री जी, सौम्यदर्शिताश्री जी, विनयदर्शिताश्री जी, विरागयशाश्री जी, कीर्तिरत्नाश्री जी, कुसुमरत्नाश्री जी म.सा. सहित 12 साधु-साध्वीवृंद व आचार्य श्री आनन्दऋषिजी म.सा. के समुदाय से साध्वी श्री चंदनबाला एवं चारुप्रज्ञाजी म.सा. के भी पारणे हो रहे है । आचार्यश्री ने बताया कि भायन्दर, पुना, राजगढ़ व देशभर में वर्षीतप की आराधना हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही सफल हुई है मेने तो सिर्फ आदेश दिया था । दहाणु में दादा गुरुदेव की प्रतिष्ठा मेरे हाथों सम्पन्न हुई थी एवं मिनी श्री मोहनखेड़ा तीर्थ की स्थापना हुई मैं ऐसे तीर्थ के निर्माता श्री रखबचंदजी सोलंकी को तीर्थ रत्न के अलंकरण से अलंकृत करता हूॅं यह सम्मान उनके पुत्र- श्री भरतकुमारजी सोलंकी ने प्राप्त किया । पुना निवासी श्री विमलचंदजी वेदमुथा जिनके दिशा निर्देशन में 50 से अधिक यात्री संघ निकले है ऐसे सेवाभावी श्री विमलचंदजी वेदमुथा को संघ रत्न का अलंकरण प्रदान करता हूॅ । श्रीमती ललिता बेन भाण्डुप को तीर्थ गौरव के नाम से अलंकरण गुरु सप्तमी पर प्रदान करुगां । मंच पर इन्दौर श्रीसंघ ने उपाश्रय उद्घाटन व आगामी 2019 का चातुर्मास हेतु विनंती की इसी कड़ी में मन्दसौर, राजगढ़, बांसवाड़ा आदि श्रीसंघों ने भी चातुर्मास की विनंती की । आचार्यश्री ने कहा कि आगामी चातुर्मास की घोषणा 12 जून को जन्मोत्सव व पाटोत्सव के दिन की जावेगी । आचार्यश्री के दुसरे पाटोत्सव 7 मई के अवसर पर आचार्यश्री को कामली ओढाने का लाभ श्री भरतकुमार रिखबचंदजी सोलंकी परिवार को प्राप्त हुआ । आचार्य श्री ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. द्वारा सम्पादित जैन ज्योतिष शास्त्र का विमोचन भीनमाल निवासी श्री दुधराजजी लुक्कड़ परिवार द्वारा किया गया। आचार्यश्री 8 जून से इन्दौर में रहेगें ।
वर्षीतप आराधक मुनिमण्डल, साध्वीवृंद व देशभर से आये 700 से अधिक आराधकों को गन्ने के रस से पारणा कराने का लाभ ऋषभ भाई, राकेश भाई कुंदनमलजी बोराणा परिवार भिवण्डी को प्राप्त हुआ । श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट श्री मोहनखेड़ा तीर्थ की और से समस्त तपस्वीयों के विजय तिलक से बहुमान श्री शंकरलालजी जे.एस. मुथा परिवार, माला से श्री हुक्मीचंदजी लालचंदजी वागरेचा परिवार, श्रीफल से संतोष नाकोड़ा, शेलेष अम्बोर, शौकिन जैन नीमच, प्रभावना कवर श्री जम्बुसेठ नूतन बिल्डर्स व अभिनन्दन पत्र भेट करने का श्री पारसमलजी उकारलालजी जैन परिवार को लाभ प्राप्त हुआ । इस अवसर पर तीर्थ के उपाध्यक्ष पृथ्वीराज सेठ, महामंत्री फतेहलाल कोठारी, मेनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ, कोषाध्यक्ष हुक्मीचंद वागरेचा, ट्रस्टी सर्वश्री शांतिलाल सांकरिया, कमलचंद लुणिया, मांगीलाल पावेचा, चम्पालाल वर्धन, जयंतिलाल बाफना, शांतिलाल सेठ, मेघराज जैन, संजय सराफ, आनन्दीलाल अम्बोर, मांगीलाल रामाणी, सुखराज कबदी, कमलेश पांचसौवोरा सहित समाज की कई विशिष्ठ जानी मानी हस्तियां उपस्थित रही । प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान संत श्री उत्तमस्वामी जी भी विशेष रुप से उपस्थित रहे।
प्रतिष्ठा महोत्सव के मुख्य दिवस शाही करबे का आयोजन धुम्बडिया निवासी बाबुलाल धनराजजी डोडिया गांधी परिवार द्वारा किया गया । बड़ी नवकारसी का आयोजन श्री देवेन्द्रकुमार रमेशचंदजी पारेख परिवार द्वारा किया गया । रात्रि में 8 बजे श्री रत्नराज से राजेन्द्रसूरिजी तक का नाट्य मंचन हुआ साथ ही दोनों दीक्षार्थीयों की बांदोली का भव्य आयोजन के साथ मुमुक्षु लताबेन वर्धन व मुमुक्षु हर्षिता जैन का विदाई समारोह किया गया । विदाई समारोह में सभी की आंखे नम थी । विदाई समारोह में संगीतमय प्रस्तुति श्री नरेन्द्र वाणीगोता द्वारा दी गई।श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के तत्वाधान में दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की पाट परम्परा के अष्ठम पट्टधर वर्तमान गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. व उनके आज्ञानुवर्ती मालवकेसरी मुनिराज श्री हितेशचन्द्रविजयजी म.सा., मालवशिरोमणी मुनिराज श्री पीयुषचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री दिव्यचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री रजतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री पुष्पेन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री निलेशचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री रुपेन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री प्रीतियशविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जिनचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जीतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जनकचन्द्रविजयजी म.सा. एवं वरिष्ठ साध्वी श्री किरणप्रभाश्री जी म.सा., साध्वी श्री सद्गुणाश्रीजी म.सा., साध्वी श्री संघवणश्री जी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में वर्षीतप के पारणे तथा सप्तम पट्टधर आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय रवीन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के समाधि मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट श्री मोहनखेड़ा तीर्थ के तत्वाधान में आयोजन हुआ । ट्रस्टीगणों एवं राजगढ़ श्रीसंघ के वरिष्ठ समाजसेवियों की उपस्थिति में आज मंगलवार को सम्पन्न हुआ। आज होगी प्रातःकाल की वेला में दोनों दीक्षार्थीयों की भागवती दीक्षा सम्पन्न होगी। तीर्थ पर आयोजित होने वाले प्रतिष्ठा महोत्सव का सीधा प्रसारण प्रातः 6 बजे से किया गया एवं वर्षीतप के पारणे के विशाल आयोजन का प्रसारण पारस टी.वी. चैनल पर दोपहर 2ः20 बजे से प्रारम्भ हुआ।

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