राजगढ़। श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के तत्वाधान में दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की पाट परम्परा के अष्ठम पट्टधर वर्तमान गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. व उनके आज्ञानुवर्ती मालवकेसरी मुनिराज श्री हितेशचन्द्रविजयजी म.सा., मालवशिरोमणी मुनिराज श्री पीयुषचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री दिव्यचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री रजतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री पुष्पेन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री निलेशचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री रुपेन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री प्रीतियशविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जिनचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जीतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जनकचन्द्रविजयजी म.सा. एवं वरिष्ठ साध्वी श्री किरणप्रभाश्री जी म.सा., साध्वी श्री सद्गुणाश्रीजी म.सा., साध्वी श्री संघवणश्री जी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में वर्षीतप के पारणे तथा सप्तम पटधर आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय रवीन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के समाधि मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट श्री मोहनखेड़ा तीर्थ के पदाधिकारी ट्रस्टीगणों एवं राजगढ़ श्रीसंघ के वरिष्ठ समाजसेवियों की उपस्थिति में 7 मई 2019 को सम्पन्न होगा। महोत्सव का भव्य शुभारम्भ आज शुक्रवार को आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय रवीन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की प्रतिमा का तीर्थ प्रवेश व जल कलश यात्रा के साथ हुआ।
उल्लेखनीय है कि दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. का 150 वां पाटोत्सव व 150 वां क्रियोद्धार दिवस वर्ष, आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय धनचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. का स्वर्गारोहण शताब्दी वर्ष एवं राष्ट्रसंत शिरोमणि आचार्यदेवेश हेमेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर पुरे देश में वर्षीतप आराधना करने का संकल्प वर्तमान आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की प्रेरणा से आराधकों द्वारा तीनों आचार्यो को तप समर्पण करने के उद्देश्य से लिया था। इस तप समर्पण में साधु-साध्वी भी पीछे नहीं है। 700 तपस्वीयों के साथ मुनिराज श्री पीयूषचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री पुष्पेन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री प्रीतियशविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जीतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जनकचन्द्रविजयजी म.सा. एवं साध्वी श्री तत्वलोचनाश्री जी, प्रमितगुणाश्री जी, सौम्यदर्शिताश्री जी, विनयदर्शिताश्री जी, विरागयशाश्री जी, कीर्तिरत्नाश्री जी, कुसुमरत्नाश्री जी म.सा. सहित 12 साधु-साध्वीवृंद भी तप के माध्यम से भावांजलि अर्पित कर रहे है। इन सभी तपस्वी साधु-साध्वी के तप निमित्त महिला चौविसी का आयोजन शुक्रवार की रात्रि 8 बजे श्री मनीष प्रकाशचंद्रजी चाईस परिवार राजगढ़ द्वारा श्री मोहनखेड़ा तीर्थ में किया गया।
आज शुक्रवार को प्रातःकाल की वेला में इन्दौर अहमदाबाद हाईवे पर स्थित तलहटी से नवकारसी के पश्चात् विशाल कलश यात्रा का भव्य आयोजन हुआ जिसमें आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय रवीन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की प्रतिमा का तीर्थ पर मंगल प्रवेश करवाया गया। रास्ते में कुएें पर जल कलश यात्रा का विधान किया गया। यहां से 108 कलश लेकर महिलाऐं चल समारोह में चल रही थी सभी महिलाओं ने एक रंग की वेशभूषा धारण कर रखी थी। कलश यात्रा का समापन आचार्य रवीन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के नूतन समाधि मंदिर पर हुआ। यहां पर लाभार्थी परिवार द्वारा कुंभ स्थापना, अखण्ड ज्योत, ज्वारारोपण, नवग्रह, दसदिग्पाल, अष्टमंगल पाटला पूजन, नन्दावर्त पूजन, जल कलश यात्रा आदि विधान किये गये । पूजा विधान पश्चात् स्वामीवात्सल्य का आयोजन किया गया। समस्त पूजा विधान विधिकारक हेमन्त वेदमुथा एवं उनकी टीम द्वारा सम्पन्न कराये गये। दोपहर में पार्श्वनाथ पंचकल्याणक पूजन किया गया। शनिवार को क्षेत्रपाल भैरव पूजन, वेदिका पूजन, 16 विद्या देवी पूजन, 108 पार्श्वनाथ पूजन होगा। 

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