भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों को फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने, भावांतर का लंबित भुगतान और कर्जमाफी का लाभ दिलाने सहित किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने किसान आंदोलन का एलान कर दिया है। यूनियन बुधवार से आंदोलन करेगा तो महासंघ ने एक जून से गांव से शहर अनाज, दूध, सब्जी और फल की आपूर्ति बंद करने की रणनीति बनाई है। यूनियन को हड़ताल करने से रोकने के लिए कृषि मंत्री सचिन यादव ने बात भी की पर यह बेनतीजा रही। भारतीय किसान यूनियन व राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने 29 से 31 मई तक आंदोलन की घोषणा की है। किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि किसानों की मांगों को लेकर मंगलवार को कृषि मंत्री सचिन यादव को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कर्जमाफी को लेकर कहा कि आचार संहिता की वजह से प्रक्रिया रुक गई थी पर अब यह शुरू हो गई है। किसानों से जो भी वादे किए गए हैं, उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा। इसको लेकर सरकार कदम भी उठा रही है। उन्होंने संगठन से प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने की अपील भी की। अनिल यादव ने बताया कि वार्ता में कृषि मंत्री ने आश्वासन तो दिए पर वे संतोषजनक नहीं रहे, इसलिए हड़ताल होगी। यह कदम मजबूरी में उठाया जा रहा है, क्योंकि किसान परेशान हैं। दूध पर पांच लीटर बोनस देने की बात वचन पत्र में कही गई है पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लाभकारी मूल्य देने की दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। वहीं, किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने कहा कि हमारा आंदोलन एक से पांच जून तक प्रस्तावित है। हमने अपनी मांगें शासन के सामने रख दी हैं। दोनों संगठनों ने मंगलवार को आंदोलन की रणनीति को लेकर बैठक की।


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उधर, सरकार किसान संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखी है। आमजन की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए कलेक्टरों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। कृषि मंत्री सचिन यादव ने बताया कि किसानों से किए वचनों को पूरा करने का समय आ गया है। किसानों का दो लाख रुपए का कर्ज माफ होगा। यह एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। जमीनी स्तर पर जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाएगा।

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