जगदीश चौधरी, खिलेड़ी। मां चामुंडा माता मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद मा चामुण्डा  माता जी की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत पांच दिवसीय पंच कुंडीय शचतंडी महायज्ञ आज से प्रारंभ होगा। यज्ञ को लेकर आयोजन समितियों ने संपूर्ण तैयारियां पूर्ण कर ली गई है यह आयोजन पंडित हरिनारायण जी शास्त्री पंडित सुभाष चंद्र चोबे के आचार्य तत्वों में संपन्न होगा महायज्ञ की शुरुआत मे आज निकलेगी कलश यात्रा सुबह 8:00 बजे से गांव के शिव मंदिर से नगर भ्रमण करते हुए कलश यात्रा नवनिर्मित मंदिर व यज्ञशाला परिषद हनुमान मंदिर बस स्टैंड पहुंचेगी इस अवसर पर आचार्य पंडित सुभाष चंद्र चौबे ने बताया कि आज 22 मई को पहले सभी यजमानों का हिमाद्री कर  प्रायश्चित शुद्धिकरण कर यज्ञ शाला में प्रवेश होगा आदी पुजन पाठ आचार्यो व पंडितो के द्वारा होगा ।

महायज्ञ व प्राण प्रतिष्ठा उत्सव के अवसर पर सोमवार को एक बार फिर बैठक का आयोजन रात्रि में मंदिर परिसर में किया गया  जिसमें गांव के सभी ग्रामीण बड़ी संख्या में एक स्थान पर एकत्रित होकर आयोजन के शेष कार्यो के लाभार्थी के लिए बोलीया लगाई गई।  जिसमें मंदिर में माता जी मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा से लेकर आयोजन की शेष बची सभी बोलियां लगाई गई नवनिर्मित मां चामुंडा माता मंदिर में माता जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की, बोली 91117  हजार  रुपये की बोली गोवर्धन पटेरिया के द्वारा लगा कर मुर्ती स्थापना के लाभार्थी बनें , । वही  माताजी मंदिर के शिखर पर स्वर्ण कलश चढ़ाने की बोली प्रेमनारायण पाटीदार ने 1 लाख रुपये लगा कर लाभार्थी बने , व  माताजी मंदिर पर ध्वजारोहण की बोली कृष्णकांत साकरिया ने 52001 हजार की बोली लगाकर लाभार्थी बने, व माता जी की प्रथम आरती उतारने  की बोली 91001हजार की बोली मांगिलाल जी मुकाती के द्वारा लगाकर लाभार्थी बनें,  माता जी को प्रथम भोग नैवेद्य लगाने की बोली 31000 हजार की बोली विक्रम सिंह जी डोडिया के द्वारा लगाकर लाभार्थी बनें, व माता जी के छात्र चढ़ने की बोली इंद्रजीत जी पटेल के द्वारा 21000 हजार  की बोली लगाकर लाभार्थी बनें, व माता जी मंदिर में भेरू जी मुर्ती की प्राण प्रतिष्ठा हेतु नारायण मांगीलाल खोखर के द्वारा 21000 हजार की बोली लगाकर लाभार्थी बनें ,व माताजी को प्रथम पोशाक वस्त्र चढ़ाने की बोली विक्रम सिंह जी डोडिया के द्वारा 38001 हजार की बोली लगाकर लाभार्थी बनें , वहीं माताजी मंदिर मे त्रिशूल व तलवार स्थापना के लिए 11000 हजार की बोली रामेश्वर जी नानू राम जी जागीरदार के द्वारा लगाकर लाभार्थी बनें, व  गंगा माता की पुजन की बोली ज्ञानचंद गुजराती के द्वारा 21001 हजार की बोली लगाकर लाभार्थी बनें,। मंदिर में घडियाल की बोली 5100 सौ रुपये की बोली गीरधारी लाल बालोदा वाले ने लगाकर लाभार्थी बनें, व आदी आयोजन पुर्णाहुति पर होने वाले महाप्रसादी भंडारे के लिए भी गांव के ग्रामीणो ने तेल के डिब्बे , घी के डीब्बे , जव ,तिल, शंक्कर, गेहु , चावल , बेसन दुग्ध पानी व महायज्ञ मे प्रति दिन महाप्रसादी के अलग अलग सामान देकर लाभार्थी  बनें।

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