जगदीश चौधरी, खिलेडी। सिलोदा समीप पंचमुखी गाँव मे श्रीमद भागवत कथा चल रही हे। पं. नागर जी की भागवत कथा के छटे दिन मालवामाटी के संत व मां सरस्वती के वरद पुत्र पं. कमलकिशोर जी नागर ने कथा मे कहा जो कर्मों में अपने धंधों में लगे हो और फिर कभी भी कहीं कथा पांडाल में आकर बैठ गए जिस भक्त के भी कानों में यह भगवान की कथा के वाक्य शब्द पड़ेंगे तो  समझो यह शब्द शब्द ब्रह्मा हो गए और शब्द ब्रह्म है तो हमारे पास अंतर करण मे गुजर जाएगा शब्द को बार बार हमारे ऊपर संचार होगा तो समझो हमारे ऊपर शब्दों का लाभ होगा।  आप कथाओं में शब्दों को सुनने का अनुभव तो करो एव प्रभु के दर्शन को जाओ उनके वचन उनके शब्द आपको कथा के हर शब्द ब्रह्मामय लगेगे और अगर शब्द ब्रह्मामय हे तो जिंदगी की हर रहा अखंड है।  इस लिए भगवान की भक्ति के मार्ग पर चलो ओर कहीं फोरलेन पर मत जाओ कथा सुनना भी सहज नहीं है  कथा सुनाने वालों को ओर सुनने वालों को ये शब्द से घायल कर देती है जिनको जो पुछना है जो पुछ लो मन मे कुछ मत रखो ओर उडती उडती बातों पर कभी विश्वास मत करा करों ओर कभी भंय मत रखा करों जिसको किसी को भी कुछ भी सवाल मन मे वो जरुर पुछना चाहिए मन में नहीं रखना चाहिए ज्यादा सोच विचार नहीं कथा सुनने मे तन मन से कथा सुनने से जिवन तर जाता है।  गुरु गुरु करते करते गोविंद को मत छोड़ देना कृष्ण से प्रिती ना छोड़ना मेरे प्यारे नंदलाल से प्रित ना छोड़ना । यह धरती बहुत पवित्र है, यह प्रसंग पंचमुखी गांव मे झाला परिवार के द्वारा आयोजित हो रही भागवत कथा के छटे दिन की कथा मे दिव्य संत पं.कमलकिशोर जी नागर  ने शुक्रवार को कथा के दौरान कथा मे कृष्ण भक्ति ’के एक से बढ़कर एक भजन की गूंज के बीच कहा कि  में द्वारकाधीश के इस विराट दरबार को आप सब भक्तों ने इतना सजा दिया है कि भक्ति की यह छवि लंबे समय तक मानस पटल पर अंकित रहेगी।  उन्होंने कहा की रोज तकिए को ही ‘भगवान की भक्ति  उनके दर्शन मानकर उस पर अपना सिर रखकर सो जाओ, अपने सारे कर्मो को प्रभु के चरणों में खाली कर दो, सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी।  पंचमुखी गांव मे मेहरबानसिह झाला व झाला परिवार के द्वारा सातदिवसीय नागरजी की कथा का आज शनिवार को समापन  होगा इस अवसर पर सात दिनों से कथा स्थल पर निस्वार्थ भाव से आसपास के गांव के सेवा दारो का पंडित कमलकिशोर नागर जी के द्वारा सभी सेवादारों का भी सम्मान  किया जाएगा कथा के आयोजन मे आसपास के क्षेत्रों के गाँवों के ग्रामीणो ने अपनी अपनी सेवा निशुल्क सेवाएं दी यहाँ कथा  मे प्रति दिन बड़ी संख्या में भक्त दुर दुर से पंचमुखी पहुँचकर कथा सुनने पहुँचे। कथा का समापन आज शनिवार को होगा।

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