रायपुर। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज धमतरी जिले के प्रवास के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित मुरूमसिल्ली एवं रविशंकर (गंगरेल) जलाशय का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने गंगरेल जलाशय पर स्थित बरदिहा लेक व्यू में स्थित वुडन कॉटेज तथा वॉटर स्पोर्ट्स का भी आनंद लिया। तदुपरांत शहर की आराध्य देवी मां विंध्यवासिनी के मंदिर में पूजा-अर्चना प्रदेश एवं प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए कामना की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रजत बंसल एवं एस.पी. श्री बालाजी राव भी उपस्थित रहे। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल अपने धमतरी प्रवास के दौरान सबसे पहले धमतरी विकासखण्ड के ग्राम गुजरा स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक-02 पहुंचीं, जहां पर बच्चों से मुखातिब होकर उनसे कविता एवं गीत सुने तथा उन्हें चॉकलेट एवं फल वितरित किया। निरीक्षण के दौरान राज्यपाल श्रीमती पटेल ने बच्चों से बातचीत कर उनकी रूचि के बारे में भी जानकारी ली। राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को भावात्मक मुद्रा के साथ बच्चों को गतिविधियां कराने तथा कमजोर बच्चों पर विशेष तौर पर ध्यान देने के लिए जोर दिया। इसी दौरान उन्होंने रसोई में गर्भवती महिलाओं के लिए पकाए जा रहे गर्म भोजन की गुणवत्ता तथा मीनू के बारे में महिलाओं से जानकारी ली। राज्यपाल श्रीमती पटेल ग्राम गुजरा में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचकर आपातकालीन कक्ष, प्रसव कक्ष, महिला एवं पुरूष वार्ड, बाह्य रोगी कक्ष, नवजात शिशु इकाई, जन औषधि केन्द्र का निरीक्षण एवं अवलोकन कर वहां भर्ती किए गए मरीजों से चर्चा की। भ्रमण के दौरान नवजात बालिका की माता श्रीमती ईश्वरी पति श्री राजेन्द्र साहू निवासी ग्राम डोमा ने उन्हें बताया कि यह उनकी दूसरी संतान है जो कि बालिका है। इस पर राज्यपाल ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बेटे और बेटी में किसी प्रकार का फर्क नहीं है और उन्हें एक जिम्मेदार माता-पिता की भूमिका निभाते हुए बच्चों की बेहतर ढंग से परवरिश करते हुए उनको अपने पैरों पर खड़ा करने हरसम्भव प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा श्रीमती पटेल ने औषधि भण्डार कक्ष का अवलोकन करते हुए ग्रामीणों को हर हाल में निःशुल्क और तात्कालिक रूप से स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए और साथ ही आवश्यकतानुसार मरीजों की पर्ची में उन्हीं दवाओं को लिखने कहा, जो जन औषधि केन्द्र में सुलभता से मिल सके। इसके बाद राज्यपाल ने नगरी विकासखण्ड के मुरूमसिल्ली जलाशय का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान कार्यपालन अभियंता जल प्रबंध संभाग ने बताया कि वर्ष 1923 में सायफन पद्धति से निर्मित यह जलाशय एशिया का पहला बांध है, जहां जलभराव की क्षमता के उपरांत अतिरिक्त पानी की निकासी स्वतः होती है। उन्होंने इसके तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी राज्यपाल को दी। तत्पश्चात् उन्होंने रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) का अवलोकन करते हुए बरदिहा लेक व्यू में निर्मित वुडन कॉटेज का अवलोकन किया और मोटरबोट पर सवार होकर वॉटर स्पोर्ट्स का आनंद भी लिया। प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद- जिले के प्रवास में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल शहर की आराध्य देवी मां विंध्यवासिनी बिलाईमाता मंदिर भी गईं, जहां पर उन्होंने देवी की प्रतिमा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं प्रदेशवासियों के अमन-चैन व खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा।

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