रिंगनोद। नगर में रहने वाले डूंगरवाल (जैन) परिवार की बहू एवं पारस डूंगरवाल की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति  का स्वास्थ्य कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रहा था। गुजरात मे इलाज चल रहा था लेकिन उनके स्वास्थ्य मे सुधार नहीं हो रहा था। डॉक्टरो से सलाह के बाद रविवार को गुजरात से पुनः अपने घर आ रहे थे। तभी रास्ते में अचानक उनका देहावसान हो गया। इस बात की जानकारी क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र भंडारी राजगढ़ को लगी तो उन्होंने परिवार के सदस्यों से चर्चा कर उन्हें नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। परिवारजनों ने आपस में चर्चा कर वरिष्ठ लोगों की राय लेकर नेत्रदान के लिए सहमती दे दी। श्री भण्डारी ने  सरदारपुर चिकित्सालय में  डॉ. एमएल जैन एवं धार नेत्र चिकित्सा साहयक प्रियंका विशाल साधु से चर्चा की। जिसके बाद श्रीमती ज्योति के पार्थिव देह को सरदारपुर चिकित्सालय में लाया गया। उन्होंने तत्काल श्रीमती ज्योति के नेत्रों का ऑपरेशन कर नेत्रदान करवाया  तथा डॉक्टर एमएल जैन व प्रियंका विशाल साधु ने उनके पति पारस डुंगरवाल को प्रमाण पत्र दिया। इस पुनीत कार्य की क्षेत्र में सभी ओर भूरी- भूरी प्रशंसा हो रही है। सोमवार को प्रातः उनके निवास स्थान से उनकी शव यात्रा निकाली गई। स्थानिय मुक्तिधाम पर उनकी अंत्येष्टि की गई जिनकी मुखाग्नि उनकी बेटी महिमा डूंगरवाल ने दी। श्रीमती ज्योति अनाज व्यवसाय राजेंद्र कुमार डूंगरवाल के अनुज पारस डुंगरवाल की धर्मपत्नी थी एवं एक धर्मनिष्ट महिला थी। निधन पर समाज जनों ने श्रद्धांजलि देते हुए 13,13 नवकार  महामंत्र का पाठ किया।
पहली बार नगर में हुआ नेत्रदान - रिंगनोद नगर में नेत्रदान का पहला मामला है। श्रीमति ज्योति का पीहर थांदला है। उनकी मृत्यु की खबर लगते ही थांदला से उनके परिजन  भी रिंगनोद पहुंचे। नेत्रदान की खबर जैसे ही रिंगनोद में फैली तो नगर के लोगो ने इसकी प्रशंसा की। नेत्रदान  के लिए प्रेरित करने वाले जीतेन्द्र भंडारी राजगढ़ एक न्यूज चैनल के पत्रकार है। भंडारी सोशल मिडिया के माध्यम लोगो को नेत्रदान के लिए प्रेरित करते है। साथ ही कई सामाजिक कार्यक्रमों में भी वे नेत्रदान के लिए लोगो को प्रेरित करते है। अब तक सेकड़ो बार भंडारी लोगो से मरणोपरांत नेत्रदान करवा चुके है। भंडारी की नेत्रदान महादान की मुहीम से कई लोग जुड़ने लगे है। रिंगनोद नगर में पहली बार हुए इस नेत्रदान के बाद श्री भंडारी ने यह आशा जताई है की अब रिंगनोदवासी भी "नेत्रदान महादान" की मुहीम से जुड़ेंगे।  

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