राजगढ़। दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की पाट परम्परा के अष्ठम पट्टधर वर्तमान गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा., मुनिराज श्री पुष्पेन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री रुपेन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जिनचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जीतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जनकचन्द्रविजयजी म.सा. आदि ठाणा व साध्वी श्री किरणप्रभाश्री जी म.सा., साध्वी श्री सद्गुणाश्री जी म.सा., साध्वी श्री संघवणश्री जी म.सा. आदि ठाणा की पावनतम निश्रा में आज सोमवार को श्री महावीरस्वामी जिन मंदिर (हाथीवाला मंदिर) में श्री महावीरजी प्रतिमा सहित जिनालय में विराजित समस्त जिन प्रतिमाओं की उत्थापन विधि प्रातःकाल की वेला में सम्पन्न की गई । इस अवसर पर बड़ी संख्या में सकल जैन श्रीसंघ के समस्त समाजजन उपस्थित रहे । जय महावीर जय महावीर, त्रिशला नन्दन वीर की जय बोलो महावीर की, जयकारों के साथ प्रभु प्रतिमाओं की उत्थापन विधि अष्टमंगल, नवग्रह, दशदिग्पाल पाटला पूजन विधि के साथ लाभार्थी श्री मनीष प्रकाशचन्दजी चाईस, श्री भूपेन्द्र घेवरमलजी कांकरिया, श्री राजेन्द्र शैतानमलजी कोठारी परिवार द्वारा विधि सम्पन्न की गई । पूजन का विधान विधिकारक श्री हेमन्त वेदमुथा मक्सी द्वारा सम्पन्न कराया गया । मंत्रोच्चार आचार्य श्री ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. द्वारा किये गये। राजगढ़ शहर में होने वाली प्रतिष्ठा अंजनशलाका महोत्सव निर्विघ्न सम्पन्न हो इस आशय से प्रभु उत्थापन विधि के निमित्त आज सोमवार को राजगढ़ में बड़ी संख्याओं में श्रावक-श्राविकाओं ने आयंबिल तप करके प्रभु चरणों में अपनी तपस्या अर्पित की।
घर-घर जय जिनेन्द्र की नाम पट्टिका- राजगढ़ शहर में श्री महावीर स्वामी हाथीवाला जैन मंदिर की प्रतिष्ठा अंजनशलाका महोत्सव में अनेको आचार्य भगवन्त, मुनि व साध्वीवृंद के आने की स्वीकृति प्राप्त हो चूकी है मुनि भगवन्तों व साध्वीवृदों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इस लिये प्रतिष्ठा महोत्सव समिति ने प्रत्येक जैन परिवारों को निवास पर घर घर जय जिनेन्द्र के साथ परिवार के मुखिया के नाम के साथ नाम पट्टिका लगाने का कार्य आज से प्रारम्भ किया जा चूका है । प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर नगर में अपार हर्षोल्लास का वातावरण बना हुआ है साथ ही पूरे नगर को विधुत सज्जा के साथ सजाया जा रहा है। श्री महावीरस्वामी जिन मंदिर प्रांगण में 6000 वर्गफुट का विशाल पाण्डाल धर्मसभा के लिये बनाया जा रहा है।

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