भोपाल। भाजपा ने धर्म को नहीं छोड़ा। इसे भी भ्रष्ट कर दिया। जहां हिंदू धर्म में हर-हर महादेव की गूंज होती है, लेकिन उन्होंने घर-घर मोदी के नाम का नारा लगातर धर्म की मर्यादाओं को ही तोड़ दिया। भोपाल में ये लोग हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ना चाहते हैं। किसी भी तरह की घटना को अंजाम देकर विध्वंश कर सकते हैं। आप लोग सावधान रहिए। यह बात भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने शनिवार को अशोका गार्डन में हुई सभा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा धर्म के नाम पर राजनीति की है। चुनाव के समय उन्हें राम मंदिर और धारा 370 याद आती है। धर्म के नाम को बचाने की दुहाई दी जाती है, लेकिन यह बात ये लोग नहीं जानते कि हजारों साल मुस्लिमों और ईसाइयों का देश में राज रहा तब हिंदू धर्म का कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाया तो अब क्या होगा।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने नोटबंदी के दौरान कमीशन खाने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अहमदाबाद सहकारी बैंक में ही सबसे ज्यादा नोट बदले गए। नोटबंदी के नाम पर इतना भ्रष्टाचार हुआ कि भाजपा के ही एक विधायक ने इस मामले पर पीएम मोदी को पत्र भी लिखा। लेकिन भाजपा के लोग कमीशन खाने में लगे हुए थे।
संघ व भाजपा गरीब विरोधी दिग्विजय सिंह ने कहा कि संघ और भाजपा दोनों ही छोटे व्यापारी, मध्यम व्यापारी, मजदूर और गरीबों के विरोधी हैं। उन्होंने हमेशा बड़े उद्योगपतियों के पक्ष में निर्णय लिया है। विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे उद्योगपति हजारों करोड़ रुपए खा गए लेकिन कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाया। दिग्विजय सिंह ने शनिवार को नरेला क्षेत्र में प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि साध्वी मुझे आतंकी बताती हैं। लेकिन भाजपा के अंदर ध्रुरुव सक्सेना जैसे आतंकी हैं उन पर कुछ नहीं बोलतीं। यह मुझे हिंदू विरोधी बताती हैं। मैं कहता हूं तुमसे (साध्वी) बेहतर हिंदू मैं हूं। सिंह ने कहा यदि साध्वी के श्राप से कोई मरता है तो देश के आतंकियों को श्राप क्यों नहीं देती। एक शहीद के लिए ऐसे बयानों की राजनीति करना उनके स्तर को दर्शाता है।

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