भोपाल। भाेपाल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की उम्‍मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर की आंखों में उस समय आंसू छलक आए जब वे कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थी। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर जेल में बिताए दिनों की याद करते हुए रो पड़ीं।कार्यकर्ताओं की पहली बैठक में वे जेल में हुए उनके साथ सलूक की कहानी सुना रही थीं। साध्वी प्रज्ञा ने आरोप लगाया कि मालेगांव ब्लास्ट के आरोप में मुझे 15 दिनों तक गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखा गया। बिना पूछताछ किए ही मोटे बेल्ट के पट्टे से मारते थे। यही नहीं जेल में मुझे पुलिस के लोग भद्दी गालियां देते थे। दिन-रात उल्टा लटका के मारते थे। फिर निर्वस्त्र करने की कोशिश करते थे। यह कहते हुए उनका गला भर आया और वे रो पड़ीं। साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि मैं इसलिए यह बता रही हूं कि फिर कभी किसी बहन के साथ ऐसा न हो। साध्वी ने कांग्रेस और भोपाल से उम्मीदवार दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि हिन्दू आतंकवाद के लिए राष्ट्र विरोधियों ने एक षडंयत्र मेरे खिलाफ रचा था। स्त्री शरीर को कमजोर पाकर यातनाओं की हद भी इस लिए पार की गई। वह लोग बम विस्फोट मामले पर जबरदस्ती लगाए गए आरोपों को मुझ पर थोपना चाहते थे।

कांग्रेस ने एनकाउंटर की साजिश की
साध्वी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि हर तरीके का बल प्रयोग कर लेने के बाद भी मैंने कुछ नहीं कहा तो कांग्रेस ने मेरा एनकाउंटर करने की साजिश भी रच ली थी। अब इन्हें जबाव देने के लिए आई हूं।

नेतागिरी नहीं धर्मयुद्ध के लिए आई हूं
उन्होंने कहा कि मैं संन्यासी हूं। राजनीति मेरे काम की नहीं है। मैं मार्गदर्शन व दंड शक्ति का कार्य कर सकती हूं। इसलिए चुनाव मुझे नहीं आपको लड़ना है। मैं नेतागिरी के लिए नहीं बल्कि धर्मयुद्ध के लिए आपके सामने हूं। उमर अब्दुल्ला के बयान पर साध्‍वी का कहना था कि निश्चित ही ये लोग तिलमिलाएंगे क्योंकि इनके कुकर्मो का प्रत्यक्ष प्रमाण मैं हूं। उन्‍होंने कहा कि राष्ट्रधर्म मुद्दा है। जब राष्ट्र सुरक्षित होगा तो देश भी सुरक्षित रहेगा। सुशासन और पूर्ण स्वराज के साथ सम्मान भी इस देशवासियों को मिलेगा।

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