जगदीश चौधरी, खिलेड़ी। सिलोदा समीप पंचमुखी गांव में चल रही पं. कमलकिशोर नागर की भागवत कथा में लगातार मालवांचल से हजारों ग्रामीण श्रद्धालु उमड़ रहे है। कथा की शुरुआत में बनाया एक लाख 60 हजार स्कवेयर फीट का पंडाल को दूसरे दिन सोमवार को छोटा पड़ गया। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं को बैठाने के लिए ताबड़तोड़ व्यवस्था कर मोजुदा पंडाल को ओर बढ़ाया। तेज गर्मी के बाद भी कथा के दूसरे दिन कथा में हजार की संख्या मे श्रद्धालु उमड़े। दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक कथा चली और लोगों को प्रवचन में आध्यात्मिक भक्ति का आनंद लेते हुए मालवी भजनों पर नृत्य भी किया। समिति के सदस्यों ने बताया की ये तो अभी कथा सुनने हजार मे आ रहै है कथा के समापन तक इसमें एक लाख श्रद्धालुओं के उमडऩे का अनुमान है। इसे देखते हुए प्रतिदिन पेयजल-भोजन, पार्किंग व कथा पांडाल  सहित तमाम व्यवस्थाओं में वृद्धि की जा रही है।सोमवार को कथा के दुसरे दिन व्यास पीट से नागर जी ने राजा प्रतिक्षित की कथा सुनाते बोले की पुण्य से पाप को दबा दो अच्छा कर्म करोगे तो पुण्य बलवान होगा। पुण्य कमजोर होगा तो ज्यादा मदत नही कर पाओगे इतना पुण्य होना चाहिए की कथा सुनने से परम भागवत की प्राप्ति हो जाती हैं उसे कोई हाथ नहीं लगा सकता है नाही मृत्यु स्पर्श भी नही कर सकती है ।

जीवन में आध्यात्म को पकड़ो, भौतिकवाद छोड़ो -
सूख सामान्य रहेगा तो दुख भी कम होंगे।दिनचर्या ऐसी बनाओ की हमेशा प्रभु की याद आती रहे। यह अनमोल रसपान कथा के दुसरे दिन व्यास पीट से नागरजी ने अपने मुखारविद से कहे। कथा सुनने दुसरे दिन भी बडी संख्या मे दुर दुर से लोग पहुच रहै भगवान की भक्ती लोगो मे ऐसी देखी जा रही है लोग तेज गर्मी होने के बाद भी दोपहर मे कथा सुनने पंचमुखी पहुच रहै वही सेवा दल भी पुरी भक्ती के साथ सभी कथा सुनने वालो की मदत कर अपनी अपनी सेवा दे रहै है ।

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