नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने ममता पर लोकतंत्र का गला घोटने का आरोप लगाया और मतदाताओं से अपील की कि वे बगैर किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग करें। इसके साथ ही भाजपा अध्यक्ष ने भोपाल से पार्टी की उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर का जमकर बचाव किया और कहा कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाया गया था।

‘बंगाल की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है’
अमित शाह ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल की जनता ने बदलाव का मन पूरी तरह बना लिया है। विपक्ष की हर पार्टी अपने वोटबैंक की खातिर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर चुप दिखाई देती है। विपक्ष के पास नीति और नेतृत्व दोनों का अभाव है। मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ पिछले पांच साल में जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया है। हमारे संकल्प पत्र में हमने इस नीति को और आगे बढ़ाने का संकल्प किया है।’ भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वोट बैंक की पॉलिटिक्स ने बंगाल की संस्कृति को तहस-नहस करने का काम किया है।

‘बंगाल में बीजेपी ही शुरू करवा सकती है सरस्वती पूजा’
शाह ने कहा कि यदि बंगाल में कोई सरस्वती पूजा और दुर्गा पूजा को फिर से शुरू करवा सकता है तो वह बीजेपी ही है। वहीं, ममता बनर्जी पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए शाह ने कहा, ‘ममता दीदी ने मतदाताओं के मन में डर का माहौल पैदा किया है। मैं मतदाताओं को आश्वासन देना चाहता हूं कि चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव करा रहा है। किसी को डरने की जरूरत नहीं है। सभी को मताधिकार का उपयोग करना चाहिए।’

साध्वी प्रज्ञा पर अमित शाह ने दिया यह बयान
वहीं, साध्वी प्रज्ञा पर मचे बवाल पर शाह ने कहा, 'साध्वी प्रज्ञा के ऊपर 'हिंदू टेरर' के नाम से फर्जी केस लगाया गया था। दुनियाभर में भारत की संस्कृति को बदनाम करने का प्रयास किया गया। जब अदालतों में ये केस चले तो वे फर्जी पाए गए और 2 मामलों में वह बरी हो गईं।' समझौता ब्लास्ट में स्वामी असीमानंद की रिहाई का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस केस में पहले गिरफ्तार हुए लोगों को छोड़ दिया गया था। शाह ने कहा कि वे लोग लश्कर-ए-तैयबा के थे और यह बात अमेरिकी एजेंसियों ने भी कही थी।

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