वीराज प्रजापत,सारंगी। भारत में प्राचीन मंदिरों का खजाना भरा हुआ है और यही कारण है कि यहां की धरती को देवभूमि माना जाता है। हिंदू धर्म में हनुमानजी को जीवंत देवता के रूप में पूजा जाता है और माना जाता है कि जो उनकी श्रृद्धाभाव से पूजा करता है, वो उसे अपनी उपस्थिति का एहसास जरूर कराते हैं। हनुमान जन्मउसव की पूरे प्रदेश में धूम है। इस मौके पर  सारंगी के हनुमान मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। सुबह से ही पूजा अर्चना, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जा रहा है। सारंगी के चाहे प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान मंदिर हो या पंचमुखी हनुमान मंदिर सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए लाइन में लगकर दर्शन लाभ ले रहे हैं।पंचमुखी हनुमान मंदिर के बारे में ऐसी मान्यता है कि यहां लोग जीत का आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं. और उन्हें जीत प्रसाद के रूप में मिलती है। वहीं खेड़ापति हनुमान मंदिर में दर्शन मात्र से मन की मुराद पूरी होती है औऱ यही कारण है कि यहां भक्तों का तांता लगा हुआ खेड़ापति हनुमान मंदिर की फूलों और फलों से अदभुत सजावट की गई हैं। वही खेड़ापति हनुमान मंदिर पर 24 घण्टे का अखंड रामायण पाठ का आयोजन भी किया जाता है। 

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