नई दिल्ली। चुनाव आयोग की पाबंदी की मियाद क्या खत्म हुई एसपी नेता आज़म ख़ान की बदज़ुबानी फिर से लौट आई है। आज़म ने 72 घंटे का बैन खत्म होते ही पहले मुरादाबाद की रैली में असभ्य शब्द का इस्तेमाल किया और फिर रामपुर लौटकर आंखों में आंसू भरकर धमकी दे डाली। चुनावी मंच से भद्दे लफ्ज के इस्तेमाल की सज़ा के तौर पर 72 घंटे की पाबंदी खत्म हुई तो समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान भरे गले और आंखों में आंसू लिए अवाम के सामने हाज़िर हुए। आज़म ने पहले विक्टिम कार्ड खेला और फिर जल्द ही पुराने अंदाज़ में लौटे तो ज़ुबान से धमकी के सिवाय कुछ नहीं निकला। आज़म ख़ान ने कहा, “इस मुट्ठी को बंद करो और 23 तारीख का इंतज़ार करो। अगर तब तक हम ज़िंदा रहते हैं तो ज़िंदा ही रहेंगे। लाशों के और मरे हुए इंसानों की आंखों से आंसू नहीं बहते। हम अपने हर आंसू का हिसाब लेंगे, इंशाअल्लाह।“ यूपी की रामपुर लोकसभा सीट से एसपी उम्मीदवार आज़म ख़ान ने चुनावी मंच से अपनी प्रतिद्वद्वी बीजेपी उम्मीदवार जया प्रदा के लिए अमर्यादित शब्द का इस्तेमाल किया था। लिहाजा, चुनाव आयोग ने आज़म की रैलियों पर 72 घंटे की पाबंदी लगा दी थी लेकिन आज़म ने अपनी सज़ा को कुछ इस तरह से पेश किया जैसे जानबूझकर उन्हें निशाना बनाया गया हो।

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