रमेश प्रजापति, सरदारपुर। सरकार चाहे कितने भी दावे युवाओं को आगे बढ़ाने के कर ले लेकिन अधिकारियो की अनदेखी का खामियाजा कही ना कही युवा पीढ़ी को उठाना पड़ता हैं। सरदारपुर की 18 वर्षीय ज्योति पिता रमेशनाथ चैहान जो की राष्ट्रिय महिला फुटबाल टीम की खिलाडी हैं उसे आर्थिक तंगी के चलते अपनी बीमारी का उपचार एक छोटे से अस्पताल में करवाना पड़ रहा हैं। इंटरनेशनल लेवल की खिलाडी होने के बावजूद भी ज्योति को किसी तरह की आर्थिक सहायता प्राप्त नही हुई हैं। ज्योति पिछले कई दिनों से खांसी, बुखार से बीमार चल रही हैं। प्रारंभिक तौर पर ज्योति की माता ने उसका उपचार सरदारपुर के शासकीय अस्पताल में करवाया लेकिन उसकी स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर ने उसका उपचार अन्य जगह करवाने की सलाह दी। ज्योति की माता रेखाबाई ने उसके कोच को सारी बात बताई और जैसे तैसे उसे दाहोद के झायड्स सिविल अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती करवाया। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते अब ज्योति की माँ उसका उपचार करवाने में असमर्थता जता रही हैं।  ज्योति के पिता की मृत्यु पहले ही हों चुकी हैं। ज्योति की छोटी बहने और है एवं वे भी फुटबाल खिलाडी हैं।
साँस लेने में हो रही है दिक्कत - ज्योति की माँ रेखाबाई ने बताया कि ज्योति को विगत कई दिनों से बीमार हैं एवं उसका उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरदारपुर में करवाया गया। ज्योति की माँ रेखाबाई ने बताया कि वह कुछ दिनों से अपनी बड़ी बेटी के यहाँ गई हुई थी। जब वह घर लौटी तो देखा की ज्योति की तबियत ज्यादा बिगड़ गई हैं। वह उसे सरदारपुर अस्पताल में ले गई। जहाँ डॉक्टर ने उसकी स्थिति देख कहाँ की उसे किसी गम्भीर बीमारी के लक्षण है एवं उपचार अन्यत्र किसी अच्छे अस्पताल में करवाये। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वह अच्छे अस्पताल में नही ले जा सकी एवं ज्योति के कोच को सारी बात बताकर उसे किस तरह दाहोद अस्पताल में भर्ती करवाया। ज्योति गत 20 मार्च से दाहोद में भर्ती हैं। लेकिन अभी तक कोई भी उसकी मदद करने को आगे नही आया हैं। ज्योति की माँ ने बताया कि उसके सीने में कफ जम गया है एवं श्वास नली में सूजन आने के कारण उसे साँस लेने में दिक्कत आ रही हैं। पति की मृत्यु पहले ही हो चुकी है एवं दो बेटियां और हे जिनका पालन पोषण भी कर रही हूँ। बेटी इंटरनेशनल लेवल की खिलाडी होने के बाद भी उसकी मदद को कोई आगे नही आया हैं।
कई मंचों पर हो चूका है ज्योति का सम्मान - ज्योति का बचपन से ही फुटबाल खिलाडी बनने का सपना था। कई वर्षों की मेहनत करने के बाद ज्योति का चयन भारतीय महिला फुटबाल टीम में।हुआ। जिसके बाद ज्योति का कई मंच से सम्मान हुआ एवं कई अधिकारियो एवं राजनेताओं ने उसकी प्रशंसा में कसीदे पढ़े। लेकिन अब ज्योति आर्थिक तंगी के कारण जूझ रही हैं।

परिक्षा दिलवाने सरदारपुर लेकर आई माँ- ज्योति कक्षा 12 वी मे पढती है। आज उसका पेपर है। दुरभाष पर ज्योति की माॅ ने बताया की डाॅक्टर ने छुट्टी देने से मना कर दिया था। जैसे तैसे उपचार लिखकर राजी हुये। कुछ परिचीतो से कर्जा लेकर आज चार पहिया वाहन से परिक्षा दिलवाने के लिये सरदारपुर लेकर आई हुॅं।

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