रिंगनोद।  गुरुवार को प्रातः श्री योगमाया मंदिर प्रांगण से कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा पिपली चौक, राठौर मंदिर, मेन चौपाटी, बस स्टैंड होते हुए कथा स्थल पिपलिया मैदान पर पहुंची। यहां पर पंडितो द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना कर भागवत जी का पूजन अर्चन कराया गया। शोभायात्रा में 2 सुसज्जित रथो मे एक पर भगवान प्रतिमा झूले मे लिए पंडित दामोदर शर्मा एवं दूसरे रथ पर कथावाचक पंडित मोहित नागर विराजित थे। निनामा परिवार के दिनेश निनामा ने भागवत जी की पोथी को सिर पर उठाकर नगर भ्रमण किया। कलश यात्रा में ढोल बाजे के साथ सिर पर कलश लिए बालिकाए चल रही थी। वही ढोल व बैंड बाजो के भजनो पर लोग नाचते हुए चल रहे थे।
कथा प्रारम्भ के अवसर पर कथावाचक पंडित श्री मोहित नागर ने कहां की भागवत कथा सुनने का अवसर हमें हमारे पुण्योदय से ही प्राप्त होता है। श्रीमद् भागवत कथा का महत्व बताते हुए  बताया कि  श्री याने लक्ष्मी  मद यानी नशा  भ याने भक्ति ग याने ज्ञान वत याने वैराग्य होता हैं। व्यक्ति को मद या नशा एक प्रकार का नहीं होता है अनेक प्रकार का होता है किसी को शराब का किसी को सिगरेट का किसी को पद का किसी को रूप का किसी को पैसे का किसी को परिवार का नशा होता है। नशा करना है हरि नाम का नशा करें। जो आपके जीवन को इस संसार रूपी भवसागर से मुक्ति दिला सकता है।

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