कुशल राठौड़, पेटलावद। हर नगर का एक सपना होता है कि नगर मैं एक विशेष खूबसूरत स्थान हो ताकि नगर की जनता अपना कीमती समय एकांत वातावरण या परिवार के साथ मनोरंजन के कुछ पल बिता सके।  हम बात कर रहे है नगर के बाल उद्यान की जो भष्ट्राचार की भेंट  करीब 15 वर्षो से चढ़ा हुआ है।
पेटलावद नगर की जनता आज भी एक नेक वरिष्ठ अधिकारी के इंतजार में है जो नगर के अधूरे पड़े बालोद्यान की तरफ देख नगर के विकास व सुंदरता में अपने ठोस कदम उठाए ताकि नगर की जनता अपने अधूरे सपने को पूरा होते देख सकें, वर्तमान में नगर  के नागरिकों की उम्मीद  एस डी एम हर्षल पंचौली की और नज़र आ रहीं है जो इस अधूरे पड़े बालोद्यान को अंतिम निर्णय दे सकते है।

 40 लाख की थी लागत - नगर में पुराना बस स्टेण्ड के पास स्थित अधूरे पड़े बालोद्यान की लागत करीबन 40 लाख रूपयों के आस पास थी, जो आज भी भष्ट्राचार के  रूप नजर आती है। नगर के लोगों की मांग है कि यहाँ बालोद्यान ही बनना चाहिए। क्योंकि यह स्थान नगर के बिल्कुल मध्य में है जिससे छोटे बच्चो व बुजुर्गों को आने जाने में कोई परेसानी नही होगी।
3 परिषद बदली पर नही दिया ध्यान - 15 वर्ष में क़रीब 3 परिषद बदली लेकिन किसी भी परिषद ने बालोद्यान के विकास पर अमल नही किया और वर्तमान में आज वही नगर अध्यक्ष के रूप में पदस्थ है जो इस कार्य को अधूरा छोड़ कर बिदा हो गए थे। नगर पंचायत के अधिकारी भी बालोद्यान की सफाई की तरफ ध्यान नही दे रहें है, यहाँ सफाई करवा कर बच्चों के लिए खेल का मैदान भी बना सकते है।

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