भोपाल। जो हमारा साथ देगा, हम उसका साथ देंगे। जो हमारी बात नहीं करेगा, वह देश पर राज नहीं करेगा। वैसे हमें अपना अधिकार पाना आता है, न मिलने पर छीन भी सकते हैं। यह बात बुधवार को भोपाल दौरे पर आए श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी ने कही। उन्होंने बताया कि मप्र में करणी सेना का 31 मार्च को शक्ति प्रदर्शन होगा। इसमें प्रदेशभर से क्षत्रिय समाज के लोग जुटेंगे। इस सम्मेलन में तय हो जाएगा कि लोकसभा चुनाव में करणी सेना का क्या रुख होगा। इस कार्यक्रम को स्वाभिमान सम्मान समारोह नाम दिया गया है। इसमें ज्यादा से ज्यादा क्षत्रिय-क्षत्राणियों को बुलाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि अभी आयोजन के लिए स्थान का चयन नहीं हुआ। कार्यक्रम लाल परेड ग्राउंड में हो सकता है। कालवी ने बताया कि चुनाव में उनकी सेना न तो किसी पार्टी का विरोध कर रही है और न ही समर्थन। इंदौर, ग्वालियर और अन्य कई स्थानों पर करणी सेना के कार्यक्रम हुए, लेकिन भोपाल में अभी तक बड़े सम्मेलन पर विचार ही नहीं किया गया।

तीन राज्यों में हार के बाद मिला 10 प्रतिशत आरक्षण -
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महीपालसिंह मकराना का कहना है कि 10 प्रतिशत आरक्षण हमारी सेना ने छीना है। कोई इस भरोसे में नहीं रहे कि उन्होंने हमें यह आरक्षण दिया है। करणी सेना की बदौलत जब तीन-तीन राज्यों में हार हो गई तब हमें यह आरक्षण हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि कौन चौकीदार है और कौन नामदार, हमें इससे कोई लेना-देना नहीं, हमें तो अपना पालनहार चाहिए।

एक दिन में दो राष्ट्रीय अध्यक्षों से मुलाकात -
कालवी का कहना था कि उन्होंने एक ही दिन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। हमारे पदाधिकारियों को चार टिकट भाजपा से और दो टिकट कांग्रेस से मिलने की संभावना है, लेकिन अभी यह पक्की नहीं हुई हैं। यदि टिकट मिलती है, तो पूरी ताकत से उन्हें जिताकर संसद में भेजेंगे। कालवी ने स्वयं चुनाव लड़ने से इनकार करते हुए कहा कि वे चुनाव लड़ते नहीं बल्कि लड़ने वाले को अपने हिसाब से चलाते हैं।

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