नरेंद्र पँवार,दसाई। समीपस्थ गावं फुलकी पाडाकला मे वर्ष 2016 मे नवीन माध्यमिक विद्यालय प्रारंभ हुआ था। जहां पर शतप्रतिशत आबादी अनुसुचित जनजाती की है। शासन इस तबके को उपर उठाने के लिये चाहे जो प्रयास करले लेकिन शासन की महत्वपूर्ण योजनओं की अधिकारी वर्ग किस प्रकार से धज्जियां उडाते है इसका एक उदाहरण समीप के ग्राम फुलकीपाडा मे देखने को मिला है। कहने को यहां शासन द्वारा मावि की कक्षायें तीन वर्ष पूर्व ही प्रारंभ कर दी थी। लेकिन शिक्षक की व्यवस्था करने वाले अधिकारी इसे पूरी तरह से भूल गये। 2016 मे खोले गये इस स्कूल मे एक मात्र प्राथमिक विद्यालय मे कार्यरत शिक्षक है जिस पर विद्यालय की समस्त जिम्मेदारी दी गई है साथ ही एक शिक्षक अतिथि  जनवरी 2019 से कार्य कर रहा है। वही माध्यमिक विद्यालय के हाल पर नजर डाले तो हाल बुरे है। मात्र एक शिक्षक है वह भी सकुंल द्वारा व्यवस्था पर यहां अपनी सेवा दे रहा है।
पांच शिक्षक के स्थान पर अतिथि सहित मात्र तीन शिक्षक-शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत मावि मे कम से कम तीन शिक्षक एवं प्राथमिक विद्यालय मे कम से कम दो षिक्षक अनिवार्य रूप से होना चाहिये। इस प्रकार कुल पांच शिक्षक के स्थान पर यहां पर मात्र तीन शिक्षक के द्वारा प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय की कक्षाओं मे 01 से 8 तक कुल 148 बच्चो को पढा रहे है। ऐसे मे  क्या होति होगी पढाई। प्राथमिक विद्यालय मे कक्षा 01 मे 13 , कक्षा 02 मे 11, कक्षा 03 में 14, कक्षा 04 मे 13,  एवं कक्षा 05 मे 19 वही माध्यमिक विद्यालय मे कक्षा 06 मे 31, कक्षा 07 मे 36 एवं कक्षा 08 मे 11 है। 

भवन भी नहीं- विद्यालय प्रारंभ हुवे तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद यहां मावि के भवन की व्यवस्था नहीं होने से प्रावि के तीन कमरों मे शिक्षक एक से आठ तक के बच्चों को बिठाकर अपने दायित्व को निर्वहन कर रहे है, वहीं जब-जब बीएलओं के कार्य से सरदारपुर जाना हो अथवा संकूल केन्द्र पर बैठक या विषय प्रषिक्षण मे जाना हो तो विद्यालय मे सारा पढाई के साथ-साथ एक या दो शिक्षको पर निर्भर हो जाता है।  विद्यालय मे भृत्य का अभाव विद्यालय के प्रारम्भ से ही नही है ऐसे मे यह कार्य भी शिक्षक को ही करना पड रहा है। इस सम्बन्ध मे विद्यालय द्वारा कई बार अवगत किया गया मगर किसी का भी इस ओर कोई ध्यान नही जा रहा है।

इनका कहना है - 
 नवीन मावि फुलकीपाडा मे कम से कम तीन अतिथि शिक्षक होने चाहिये नियुक्ति संकूल स्तर से होती है। लेकिन अभी तक नियुक्ति क्यों नहीं की गई मै दिखवाता हूं। - आनंद पाठक खंड शिक्षा अधिकारी सरदारपुर

शासन द्वारा अतिथि शिक्षक को रखने की कोई व्यस्थ्या प्रा.वि एव मा.वि मे नही है। वही मेरे द्वारा एक शिक्षक की व्यवस्था की गई है। - क्रणसिह रावत प्राचार्य दसाई

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