राजगढ़। युवा समाजिक कार्यकर्ता अक्षय भण्डारी ने कहा कि राजगढ़ में पंरपरा नगर चौरासी में हिन्दुओ, मुस्लिम अन्य धर्मों व सभी जातियों का भाग लेना विविधता में अनेकता में एकता का सन्देश देती है। और यही विशिष्टता है कि एक पंगत पर सभी जातियों के लोग किसी न किसी अवसर पर साथ मे बैठकर सहभोज करते है आम भाषा मे नगर भोज या सर्वधर्म समाज के लोगो का सहभोज है नगर चौरासी को स्कूलों में अनिवार्य किया जाना चाहिए, ताकि बच्चे भाईचारे व अनेकता में एकता का पाठ सीख सकें.
जिससे बच्चे को सकारात्मकता आएगी.
  इसी उद्देश्य से युवा समाजिक कार्यकर्ता ने इस परंपरा नगर चौरासी को प्रधानमंत्री को पत्राचार कर बताया था कि इस परम्परा को उचित स्थान व स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए । उसके बाद उन्हें  राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली से पत्र भी मिला। जवाब में बताया गया भंडारी ने नगर चौरासी के उल्लेख करते हुए इसे स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करने का आग्रह किया है इस बताया गया एनसीईआरटी की वर्तमान पाठ्य पुस्तकें देशभर के ऐसे सु चिंतित लेखकों एवं प्रोफेसरों द्वारा लिखी गई है जिन्होंने बच्चन किशोर छात्रों को यह जातियों धर्म आदि के बारे में संवेदनशील बनाने की दिशा में अत्यधिक चिंता किए सामाजिक विज्ञान और मानविकी की वर्तमान पाते हुए ऐसे उदाहरणों विवरणों कहानी और चित्र आदि से समृद्ध है जिससे वैसे संदेश बार-बार दिए गए हैं  आगे भी पाठ्यक्रम के नवीकरण व संशोधन के लिए अधिकृत समिति विचार करेगी तब आपका निवेदन उनके विचार के लिए रखा जाता कि इसका भी समावेश करने में निर्णय ले सके।

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