सरदारपुर। खुद को किसानों की हितैषी बताने वाली बीजेपी के धार  जिलाध्यक्ष को बड़बोलापन भारी पड़ने लगा हैं। दरअसल, उनके द्वारा ग्राम टिमायची में किसान मांगीलाल द्वारा किए जा रहे आंदोलन को व्यक्तिगत आंदोलन करार दे दिया गया। नतीजतन,  किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और वे वर्फा के खिलाफ हो गए। वर्फा के बयान पर बवाल मच गया हैं। तीन गांव के किसान एक जुट हो गए हैं तो वहीं कई भाजपा नेता भी किसानों के पक्ष में उतर आए हैं। सवाल यह उठता है कि खुद को किसानों की हममर्द सरकार बताने वाली भाजपा आखिर इस तरह के बयान कैसे जारी कर देती है जिससे किसान भाजपा के खिलाफ खड़े हो जाते हैं। बहरहाल, भाजपा के इस बयान की भयानक निंदा होने लगी है।
पिछले तीन दिनों से किसानों की मांग को लेकर ग्राम टिमाचयी के किसान मांगीलाल अनषन कर रहे हैं। आंदोलन की सूचना उन्होंने पूर्व में प्रषासन को भी दे दी थी। चूंकि भाजपा सरकार से जुड़ा मामला था लिहाजा एक अखबार ने सरकार का पक्ष जानने के लिहाज से भाजपा जिलाध्यक्ष वर्फा से बात की। नतीजा यह रहा कि वर्फा भावुक हो गए और उन्होंने कह डाला कि मांगीलाल का आंदोलन किसानों के लिए नहीं बल्कि उसका निजी आंदोलन हैं। बस इसके बाद बवाल मचा और यह ऐसा मचा कि अब तीन गांवों के किसान मांगीलाल के समर्थन में तो वर्फा के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। रविवार को इस पूरे मामले में बडी बात यह सामने आई कि भाजपा पूर्व नगर अध्यक्ष और पूर्व जनपद सदस्य उदय कुमावत समेत कई भाजपाई इस्तीफा तक देने को तैयार हो गए।

मामला किसानों का है व्यक्तिगत नहीं
कुमावत द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में वर्फा के बयान का खंडन करते हुए कहा कि वर्फा ने जो बयान दिया है उसे सिद्ध करके बताए कि मांगीलाल की यें मांगे व्यक्तिगत हैं, वरना हम सिद्ध करके बताते है कि ये वयक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक मांगे हैं। किसान परेषान हो रहा है और भाजपा जिलाध्यक्ष को मसखरी सूझ रही हैं।

भाजपा के प्रतिनिधि सुनने को नहीं है तैयार 
पत्र में यह भी कहा गया कि भाजपा प्रतिनिधि किसी भी मामले में कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैंे। विधायक वेलसिंह भूरिया का नाम लेते हुए पत्र में कहा गया कि वे चार मर्तबा टिमायची तो आए लेकिन काम एक बार भी नहीं करवा पाए। गांव के लोग पानी की समस्या को लेकर हमेषा त्रस्त रहते हैं।

मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
ग्रामीणों का कहना है कि वर्फा के बयान और विधायक की निष्क्रियता को लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से षिकायत करेंगे ताकि इस तरह के अनर्गल बयान बाजी ना हो। किसानों  और भाजपा के कार्यकर्ताओें ने यह भी कहा कि सामूहिक इस्तीफा भी षिवराज के सामने ही देंगे ताकि फिर को जिलाध्यक्ष अपने आपको जनता से उपर समझने का मुगालता ना पाले।


इनका कहना हैं... 
किसानों की समस्या और मांगों को लेकर किसानों से चर्चा की है। जिस विभाग से उनकी समस्या है, उन विभाग प्रमुखों से मेरी बात हुई हैं। किसानों को निराकरण का आष्वासन दिया है लेकिन वे अपनी मांगों को लेकर अब भी बैठै हैं। जो भी निराकरण होगा वह तय रूप से किया जाएगा।- सुनील जायसवाल, तहसीलदार, सरदारपुर

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