रिंगनोद। जीवन में कभी भी अपने मुख से किसी के प्रति बुरा मत बोलो किसी के खिलाफ मत बोलो बोलिए वह बोलने की किसी को मना नहीं है पर उपयुक्त एवं आदर्श टपक पड़े तुम्हारी बोली में ऐसा बोलिए जीवन की सफलता मधुर भाषण में है इसी से मनुष्य के विवेक विनय विनय का अमृत बरसता है टूटे तार जुड़ते हैं सद्भाव के द्वार खुलते हैं मधुर मिलन होता है उच्च वचन सत्य कथन और सादगीपूर्ण जीवन ही सुखी बनाता  है उक्त प्रवचन आज राम कथा के समापन अवसर पर रिगनोद के आई जी कुंज कॉलोनी में हिंदू उत्सव समिति एवं रामकथा आयोजन समिति द्वारा आयोजित  गुड़ी पड़वा उत्सव में मानस मर्मज्ञ पंडित श्याम जी मनावत ने उपस्थित जनसमुदाय से कहे।  कथा समापन के पश्चात रामकथा आयोजन समिति के भागीरथ हामड, रमेश चौधरी,  कृष्ण कांत जोशी,  अशोक ठाकुर,  ईश्वर मिस्त्री, नंदराम चोयल,  लक्ष्मण गवरी, जगदीश चौहान ने कथा वाचक श्री मनावत जी का साफा बंधवाकर अभिनंदन किया  । पंडित यज्ञाचार्य गिरिराज व्यास का अभिनंदन मोहन केरु, दिनेश भाटी, लोकेश कर्मा,  दिलीप,  मदन चोयल, पप्पु मछार,  ऊंकार चौधरी,  काना लाल पडियार,  अनिल मोलवा,  नाथुलाल गवरी  द्वारा अभिनंदन किया पश्चात संगीत मंडली व माइक डेकोरेशन व्यवस्था वाले मंजू  वैष्णव का स्वागत भी साफा बांधकर किया गया।  राम कथा समापन के पश्चात आयोजन समिति की ओर से बुधवार को नगर के विभिन्न 21 मंदिरों में होने वाली नव वर्ष आरती श्री मंगल महालक्ष्मी समरसता महायज्ञ एवं शोभायात्रा में अधिक से अधिक शामिल होने का आग्रह किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रकाश सेठिया द्वारा किया गया एवं आभार बाबुलाल हामडने व्यक्त किया। कथा के समापन पर बड़ी संख्या में समाज जनों ने अपनी उपस्थिति दी ।     

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