रमेश प्रजापति, राजगढ़। नगर में कुछ दिनों से राजस्व विभाग द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ कार्यवाही से अवैध कब्जेधारीयों में हड़कम्प मचा हुआ है। राजस्व विभाग द्वारा जो अवैध कब्जेधारीयों पर की जा रही कार्यवाही प्रशंसनीय है। वहीं आज जब राजस्व दल जब नगर के राजेन्द्र काॅलोनी स्थित चर्चीत मोहन गार्डन को सील करने पहुंचे तो गार्डन के भूमि स्वामी विजय शर्मा ने तहसीलदार को पुष्पहार भेंट कर कार्यवाही की प्रशंसा की। बात हजम होने वाली तो नही है पर वहां जो वाकया घटा वों अजीबों गरिब था। क्योंकी जब - जब राजस्व विभाग द्वारा कीसी भूमि पर कार्यवाही की जाती है तो उसका विरोध होतो है लेकिन मोहन गार्डन के भूमि स्वामी विजय शर्मा  अपने साथी ज्ञानेन्द्र भण्डारी के साथ मोहन गार्डन के मेन द्वार को सिल करते समय पहुंचे और तहसीलदार सुनिल जायसवाल से कहां की ‘‘ साहब वाकई में बहुत बड़ीया कार्यवाही की है आपने, लेकिन सभी जगह ऐसी ही कार्यवाही होना चाहिए और मोहन गार्डन को पुरी तरफ से सील किया जाये आगे पार्किग स्थल है उसे भी सिल करो, आपके द्वारा की गई कार्यवाही का हम आभार व्यक्त करते है‘‘। भूमी स्वामी शर्मा की उक्त बातें सुनकर वहां मौजुद राजस्व दल एवं नागरीक हक्के बक्कें रह गये। आभार व्यक्त करने के बाद शर्मा स्कुटी पर बैठकर वहां से निकल गये।

भूमि स्वामि विजय शार्म से उनके मोबाईल पर हमारे द्वारा कीये गये सवाल और उनके जवाब:-
सवाल नं. 1 - आपने तहसीलदार को कार्यवाही के दौरान पुष्पहार दिये, वैसे देखा जायें तो जहां कार्यवाही होती है वहां विरोध किया जाता है लेकिन आपने उसके विपरीत पुष्पहार भेंट किया।
जवाब :- देखिय यह राजगढ़ का राजवाड़ा है, मुम्बई की जूं चैपाटी है और क्यों बोंलेंग यह जनमानस के लिये राजगढ़ के लोगो के लिये मोहन गार्डन था। यह राजगढ़ एक मात्र ऐसा स्थान है जहां आयोजन हो रहे है हजारों लोग आते है। राजगढ़ में ऐंसी कोई ऐसी सुविधा हे नही इसलीये यहां आयोजन होते है और हम कोई शुल्क तो लेते नहीं है। हमने जिन्दगी में  आज तक कोई शुल्क लिया नही है। लोगो ने हमसे रिक्वेस्ट की तो हमने कई वर्षो पहले मोहन गार्डन का शिलन्यास करवाया था। हमने जनता के लिये निःशुल्क मोहन गार्डन चालु कर दिया। हमें जिन्दगी में इसकी कमाई खाना नही है पर कुछ बाहुबली जिनकी करोड़ो के बने हुए है धार्मीक प्लांट है और जो भी अड्डे है वो सब बंद हो गये मोहन गार्डन की वजह से.. इसलीये यह कार्यवाही की है। अपन ने सिर्फ यह निवेदन किया की जो  पार्किंग है इसे भी आप सील किजीये। मोहन गार्डन को सिल किया इसलीये हमने फुल माला भेंट की है और इसका जो पार्किंग है उसे भी सिल करने को कहां है। शासन द्वारा निर्मीत पानी की टंकी उसे भी सिल करे। आप गार्डन पुरी तरह सील करे आप पार्टीकुलर किसी सर्वे नम्बर को सील करने आये तो पुरी तरह सील किजीये।
सवाल नं. 2. - गार्डन सील कर दिया अब आप क्या  करोंगे, कोर्ट में जाओंगे..?
जवाब - देश में जो ऐसी शक्तीयों फैली है उनसें कभी नही डरते है हम, हम कोर्ट से ही फैसला करवायेंगे। जो सब लोग बिके  हुवे है उनसे फैसले की उम्मीद नही है। हमारे उपर कलेक्टर साहब पहले की आरोप लगा चुंके है और न्यायालय में यह प्रकरण विचाराधीन है। अब इसके उपर रोज रोज सिल ठपके लगाने में यह लोग बुरी तरह फस गये है। यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है और शायद एसडीएम तहसीलदार के गिरफ्तार वारंट निकाले जा चुकें है। आप किसी वकील के द्वारा इस बात को पुछ सकते है। शायद इसी का गुस्सा निकाल रहे है। देश  आजाद होने के बाद किसी कृषी भूमि को पहली बार सिल कीया गया है। धार में उदय रंजन गार्डन है उसे कोई सिल करके दिखायें। शासकीय जमीन पर शिव गार्डन बनाया गया है उसे कोई सील करके दिखाएं। प्रक्रिया पुरे शहर में एक जैसी होनी चाहिए। यहां नगर में करोड़ा रूपयेें के निर्माण किये गये है उन्हे सील करने की ताकत रखते है क्यां यह लोग। यह सब कोर्ट को बताया जायेगा।
सवाल नं. 3. - राजस्व द्वारा बताया गया की यहां आप व्यवसाय चला रहें हो, टेन्ट हाउस चला रहें हो। 
जवाब:- काहे का व्यवसाय, मोहन गार्डन का जो ऐरीया उसके अंदर सिर्फ पेड़ पौधो के अलावा कुछ भी नही है। कोई निर्माण नही है कोई महल नही है। भवन की जरूरत पड़ती है तो काॅलोनी में बने मकान हम किराये से ले लेते है। शासन को हमने जवाब दिया है की आप काॅलोनी का निमीत्त करण करते है तो इस गार्डन का भी कर दिजीये लगान देने में हमें कोई आपत्ती नही है। कोई राजमहल तो है नही.. है तो गार्डन हम लगान भरने को तैयार है। और आज हार फुल इसीलीये दिये है की ठीक है कोर्ट में कैस चल रहा है इस सर्वे नम्बर का। कभी यह कहते है की हम मेरीज गार्डन चला रहे है कभी कहते है की हमने काॅलोनी काट दी है.. तो एक जमीन पर कितने कैस लगाओंगें। एक बिघा जमीन पर ही यह सारे काम हो सकते है क्या.. यह तो कैस लगाकर फंस जाते है फिर दुसरा रास्ता ढुंडते है। हमें उलझाने की कोशीश कर रहें है। 

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