दिल्ली। केन्द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने मोदी सरकार में बोलने की आजादी नही होने पर के विपक्ष के आरोपो को खारिज करते हुए कहा की देश में इतनी अधिक स्वतंत्रता है कि प्रधानमंत्री तक की तुलना गधे से की जा सकती है। इतनी आजादी और कहां मिल सकती है। नायडू ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, आपको देश में अभिव्यक्ति की इतनी आजादी है कि आप प्रधानमंत्री को नाम लेकर बुला सकते हैं, आप इस तरह के लेख लिख सकते हैं कि अगर कल प्रधानमंत्री का निधन हो गया तो फलाना व्यक्ति प्रधानमंत्री होगा। आप उनकी तुलना गधे से कर सकते हैं। और अब आप कहते हैं कि अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है।
हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार देश के अलगाव की वकालत करने वाली अभिव्यक्ति की आजादी की सोच की पक्षधर नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर देश के कुछ शिक्षण संस्थानों के घटनाक्रम को अलग रंग देने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। नायडू ने कहा कि गलत राह पर चल रहे कुछ लोग युवाओं को गुमराह करने और सामाजिक तनाव पैदा करने के साथ देश की जनता की भावनाओं को आहत करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, अभिव्यक्ति की आजादी नहीं होने का प्रश्न ही कहां है? संविधान के तहत यह प्रदत्त है। उन्होंने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी पर कुछ तर्कसंगत पाबंदियां भी हैं।


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